धमधा। IDBI बैंक ऋण माफी सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। 26 दिनों से किसान क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलन को अब भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न किसान संगठनों और किसान नेताओं का समर्थन मिला है। समर्थन के बाद आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और व्यापक रूप देने के संकेत मिल रहे हैं।
आंदोलन के समर्थन में प्रवीण क्रांति, प्रदेश प्रभारी भारतीय किसान यूनियन, तेजराम विद्रोही, प्रदेश अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़, मनोज कुमार साहू, किसान मोर्चा गरियाबंद, अधिवक्ता किशोर कुमार टंडन, जिला अध्यक्ष किसान संघ बेमेतरा, राजकुमार गुप्ता, प्रदेश संयोजक छत्तीसगढ़ प्रगतिशील संगठन तथा ढालेश साहू, जनपद सदस्य जनपद पंचायत दुर्ग एवं किसान नेता ने समर्थन दिया।



हजारों किसानों ने मुख्यमंत्री से मिलने किया था कूच
कुछ दिनों पहले अपनी मांगों को लेकर हजारों किसानों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के लिए कूच किया था। किसानों को मुरमुंदा में रोक दिया गया था। इसके बाद किसानों की ओर से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री निवास भेजा गया, जहां प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के निज सचिव से मुलाकात कर किसानों की मांगों से अवगत कराया।
इस दौरान किसानों को तीन दिन के भीतर कार्रवाई की दिशा में पहल किए जाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन किसानों का कहना है कि निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया या समाधान सामने नहीं आया है।
26वें दिन भी भूख हड़ताल जारी
किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने कहा कि आज किसान को अपनी ही फसल का रेट तय करने का अधिकार नहीं है। किसान लगातार 26वें दिन भूख हड़ताल पर बैठा है, बावजूद इसके किसानों की आवाज को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है।
राजकुमार गुप्ता बोले—वोट लेने वाले जनपद, जिला, विधायक और सांसद सब गायब
राजकुमार गुप्ता, प्रदेश संयोजक छत्तीसगढ़ प्रगतिशील संगठन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान अपने हक के लिए लड़ रहा है, लेकिन चुनाव के समय वोट मांगने वाले जनपद, जिला पंचायत, विधायक और सांसद स्तर के जनप्रतिनिधि आज किसानों के बीच दिखाई नहीं दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि किसानों पर भाजपा और कांग्रेस तमगा लगाया जाता है, लेकिन जब किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है तो सभी दलों के बड़े-बड़े पदाधिकारी किसानों के बीच से गायब हैं। इसलिए किसान अपने हक की लगाई स्वयं लड़े ।
उन्होंने कहा कि किसान भोला-भाला है और इसी वजह से उसे लगातार छला जाता है। इतने दिनों से किसान भूख हड़ताल पर बैठा है, लेकिन सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने इसे किसानों के प्रति बेहद गंभीर और निंदनीय स्थिति बताया।
तेजराम विद्रोही का ऐलान—दिल्ली की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में आंदोलन
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष तेजराम विद्रोही ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पूरे छत्तीसगढ़ में किसान परेशान है। किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिल रहा है और उनकी फसल का उचित दाम भी नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान अपने ऊपर हो रहे अन्याय के खिलाफ पिछले कई दिनों से आंदोलन और भूख हड़ताल पर बैठा है, लेकिन इतने गंभीर मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
तेजराम विद्रोही ने कहा कि अब समय आ गया है कि जिस तरह किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में करीब 14 महीने तक आंदोलन किया था, उसी तरह अब छत्तीसगढ़ में भी किसानों की लड़ाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसान मुख्यमंत्री निवास के सामने बैठने के लिए तैयार हैं और जब तक किसानों की मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति बनाई जाएगी।
समर्थन के बाद आंदोलन का अगला कदम क्या?
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के समर्थन के बाद किसान आंदोलन को प्रदेश स्तर पर विस्तार देने की चर्चा तेज हो गई है। किसान संगठनों ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार की ओर से जल्द ठोस पहल नहीं होती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
अब देखना होगा कि तीन दिन के आश्वासन के बाद सरकार की ओर से किसानों की मांगों पर क्या कार्रवाई होती है और किसान आंदोलन का अगला कदम क्या होगा।


