कबीरधाम। तेज बारिश के बीच शुक्रवार देर रात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कबीरधाम जिले के ग्राम चंदनपुर पहुंचे। लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्होंने गांव के नाम परिवर्तन से संबंधित राजपत्र की प्रति ग्रामीणों को सौंपी और उन्हें बधाई दी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण उप मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए मौजूद रहे। नाम परिवर्तन की खुशी में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और उप मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।
कबीरधाम जिले के ग्राम चंडालपुर का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर चंदनपुर कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन की ओर से नाम परिवर्तन का राजपत्र में विधिवत प्रकाशन किया गया है। इसके बाद गांव का नया नाम सरकारी अभिलेखों और संबंधित शासकीय वेब पोर्टल में दर्ज रहेगा।
गांव के विकास के लिए 11.70 लाख की घोषणा
नाम परिवर्तन की खुशी के बीच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गांव में विकास कार्यों की घोषणा भी की। उन्होंने सीसी रोड और सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 11.70 लाख रुपये देने की बात कही। साथ ही ग्रामीणों की सुविधा के लिए विशेष शिविर आयोजित कराने की घोषणा की, जिसमें आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इससे ग्रामीणों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
लंबे समय से चल रही थी नाम बदलने की मांग
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामवासियों की ओर से लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग की जा रही थी। स्थानीय लोगों की भावना और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई और राज्यपाल की स्वीकृति के बाद नाम परिवर्तन का राजपत्र में प्रकाशन किया गया।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने दैनिक व्यवहार और बोलचाल में गांव के नए नाम ‘चंदनपुर’ का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी गांव को इसी नाम से जानें और इसकी नई पहचान कायम रहे।
स्थानीय पहचान और भावनाओं से जुड़ा है नाम
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल किसी स्थान की पहचान नहीं होते, बल्कि उनसे स्थानीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और जनभावनाएं भी जुड़ी होती हैं। चंदनपुर नाम से गांव को नई पहचान मिलना ग्रामवासियों की लंबे समय से चली आ रही भावना और मांग के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन से क्षेत्र की स्थानीय पहचान और ग्रामवासियों की भावनाओं को मजबूती मिलेगी।


