अमलेश्वर। रायपुर, दुर्ग और धमतरी जिले के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली खारून नदी ने लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद रौद्र रूप धारण कर लिया है। अमलेश्वर के महादेवघाट में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो रायपुर-दुर्ग के बीच संपर्क टूट गया है कल भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा महादेवघाट क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर लोगों से सावधानी बरतने तथा नदी के आसपास नहीं जाने की अपील की गई है। खारून नदी के बढ़ते पानी के कारण अमलेश्वर के अलावा आसपास के भोथली, मगरघटा, खुडमुड़ा, जमराव और घुघुवा सहित कई गांवों में चिंता की स्थिति बनी हुई है। कई घरों में बाढ़ का पानी घुसने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन के साथ ही समाजसेवी संगठन और स्थानीय लोग भी प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं अमलेश्वर नगर में स्थित कई सरकारी कार्यालय भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए हैं। नगर पालिका कार्यालय, पटवारी कार्यालय, थाना परिसर और स्कूल कार्यालय में पानी पहुंचने से कामकाज प्रभावित हुआ है।
नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के एल्डरमैन सुनील शर्मा ने कहा कि इस तरह की बाढ़ की स्थिति खारून नदी के अस्तित्व और उसके प्राकृतिक प्रवाह को लेकर गंभीर संकेत देती है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के लगातार दोहन के साथ खारून नदी के तट पर अतिक्रमण भी एक बड़ी समस्या है। नदी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र में अवरोध होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित होती है और बाढ़ की स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए नगर पालिका प्रशासन अमलेश्वर द्वारा आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने की रूपरेखा तैयार की गई है तथा जरूरत के अनुसार राहत कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।


