Property Registry : किसी मकान या जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज संपत्ति के मालिक के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में अगर ये कागजात चोरी, आगजनी या किसी अन्य वजह से गुम हो जाएं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और निर्धारित प्रक्रिया के जरिए इन दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति हासिल की जा सकती है। हालांकि, दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए समय पर पुलिस में शिकायत करना जरूरी है।
रायबरेली के रजिस्ट्री कार्यालय में कार्यरत प्रदीप के अनुसार, रजिस्ट्री के मूल कागजात खोने की स्थिति में कुछ कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। इसके बाद संबंधित विभाग से रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रति प्राप्त की जा सकती है।
पुलिस में दर्ज कराएं शिकायत
सबसे पहले नजदीकी पुलिस थाने में दस्तावेज गुम होने की सूचना देते हुए एफआईआर या शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत में संपत्ति का पता, रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी, दस्तावेज गुम होने का समय और परिस्थितियां स्पष्ट रूप से दर्ज कराएं। पुलिस से मिलने वाली शिकायत या एफआईआर की प्रति को सुरक्षित रखें, क्योंकि आगे इसकी जरूरत पड़ सकती है।
अखबार में सूचना देना हो सकता है उपयोगी
दस्तावेज गुम होने के बाद स्थानीय या राष्ट्रीय समाचार पत्र में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराई जा सकती है। इसमें संपत्ति का विवरण, मालिक का नाम और अन्य जरूरी जानकारी देकर बताया जाता है कि मूल रजिस्ट्री दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, इस संबंध में स्थानीय कार्यालय की मौजूदा प्रक्रिया और आवश्यकता की पुष्टि कर लेना उचित है।
सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से लें प्रमाणित प्रति
इसके बाद उस सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में संपर्क करें, जहां संपत्ति की रजिस्ट्री कराई गई थी। वहां निर्धारित आवेदन के जरिए रजिस्ट्री की प्रमाणित प्रति या नकल के लिए आवेदन किया जा सकता है। आम तौर पर पहचान पत्र, पुलिस शिकायत/एफआईआर और उपलब्ध पुराने रजिस्ट्री विवरण या इंडेक्स नंबर जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद रिकॉर्ड के आधार पर प्रमाणित प्रति जारी की जा सकती है।
एफिडेविट की भी पड़ सकती है जरूरत
कुछ मामलों में दस्तावेज गुम होने के संबंध में शपथ पत्र यानी एफिडेविट भी मांगा जा सकता है। इसमें यह घोषित किया जाता है कि मूल दस्तावेज गुम हो गए हैं और उनके गलत इस्तेमाल की स्थिति में संबंधित पक्ष जिम्मेदारी के अनुसार कार्रवाई करेगा। यदि बाद में मूल दस्तावेज मिल जाते हैं तो उनके संबंध में भी संबंधित विभाग के निर्देशों का पालन करना होगा।
हाउसिंग बोर्ड या विकास प्राधिकरण को दें सूचना
अगर संपत्ति किसी विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड या संबंधित आवासीय संस्था के अंतर्गत आती है तो वहां भी दस्तावेज गुम होने की सूचना देना उपयोगी हो सकता है। संस्था के नियमों के अनुसार आवेदन और जरूरी दस्तावेज जमा कर रिकॉर्ड में आवश्यक जानकारी दर्ज कराई जा सकती है। इससे भविष्य में संपत्ति के हस्तांतरण या अन्य कामकाज के दौरान दस्तावेज संबंधी परेशानी कम हो सकती है।
कहां से मिलेगी रजिस्ट्री की कॉपी?
संपत्ति की रजिस्ट्री किस वर्ष हुई थी, किसके नाम से हुई थी और उसका पंजीकरण किस कार्यालय में हुआ था जैसी जानकारी के आधार पर संबंधित रजिस्ट्री कार्यालय में रिकॉर्ड खोजा जा सकता है। उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर प्रमाणित प्रति के लिए आवेदन किया जा सकता है। प्रक्रिया राज्य और स्थानीय कार्यालय के नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
इसलिए रजिस्ट्री के मूल कागजात गुम होने पर सबसे पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराना, रिकॉर्ड सुरक्षित रखना और फिर संबंधित रजिस्ट्री कार्यालय से प्रमाणित प्रति प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू करना महत्वपूर्ण है।


