- नौवें दिन भी जारी रही किसानों की क्रमिक भूख हड़ताल, 24 सितंबर को CM हाउस घेराव का ऐलान
धमधा। ऋण माफी सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसान बंधु संगठन के नेतृत्व में चल रही क्रमिक भूख हड़ताल आज नौवें दिन भी जारी रही। आंदोलन स्थल पर किसान एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया।
आंदोलन के दौरान किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस देश में किसान अन्न उगाकर करोड़ों लोगों का पेट भरता है, उसी किसान को अपनी जायज मांग और कर्जमाफी के लिए सड़क पर भूखे बैठना पड़ रहा है।
बाबा टेक सिंह चंदेल ने सरकार पर उठाए सवाल
किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने कहा कि एक तरफ किसान अपनी मेहनत से अन्न पैदा करता है और कर्ज के बोझ से परेशान होकर अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन करने को मजबूर है। वहीं दूसरी तरफ बड़े-बड़े उद्योगपतियों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर सेटलमेंट किए जाने की बातें सामने आती हैं।
उन्होंने कहा कि “यह हमारे लिए दुर्भाग्य की बात है कि किसानों के प्रति सरकार में संवेदनशीलता नहीं बची है। अन्नदाता को अपनी मांगों के लिए सड़क पर भूखे बैठना पड़ रहा है, यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।”
चंदेल ने वर्ष 2018 की ऋण माफी से जुड़े मामलों में पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि बैंक रिकॉर्ड के आधार पर यह स्पष्ट होना चाहिए कि उस समय कितने किसान ऋण माफी के पात्र थे और कितने किसानों को इसका लाभ मिला।
24 सितंबर को CM हाउस घेराव
किसान बंधु संगठन ने अब 24 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास (CM हाउस) घेराव करने का ऐलान किया है। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखेंगे और वर्ष 2018 की ऋण माफी से जुड़े मामलों की जांच कर पात्र किसानों को न्याय दिलाने की मांग करेंगे।
फिलहाल किसानों की क्रमिक भूख हड़ताल नौवें दिन भी जारी है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि मांगों का उचित निराकरण होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल, किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक अध्यक्ष आत्मा साहू, डॉ. जोहन वर्मा, पूर्व जनपद सदस्य पंचराम साहू, दुवासू साहू, मनसुख साहू, बिसंभर साहू, भानु साहू, सुभाष साहू, गोलू साहू, प्रहलाद ढीमर, हेमराज साहू, तेजराम साहू, नेतु साहू, कमलेश जंघेल, गौकरण दास मानिकपुरी, भारतगिरि गोस्वामी, डॉ. हर्ष साहू, ओम पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


