अमलेश्वर में दुर्गा विसर्जन की अनूठी परंपरा, दुर्गा उत्सव समितियों का प्रतीक चिन्ह भेंटकर किया जाता है सम्मान

अमलेश्वर। नगर पालिका परिषद अमलेश्वर क्षेत्र में दुर्गा उत्सव की अपनी एक अलग पहचान है। यहां मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान विभिन्न दुर्गा उत्सव समितियों के सदस्यों का प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत, सत्कार एवं सम्मान किया जाता है। समाजसेवी एवं ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष महेंद्र साहू के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह सम्मान समारोह विगत कई वर्षों से निरंतर जारी है। इस अनूठी पहल के माध्यम से दुर्गा उत्सव समितियों के सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें आगामी वर्षों में भी और बेहतर आयोजन करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

दुर्गा विसर्जन के अवसर पर पूरे नगर में भक्तिमय माहौल रहता है। विभिन्न दुर्गा उत्सव समितियों द्वारा आकर्षक झांकियां निकाली जाती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में युवा उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। मां दुर्गा की विदाई यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए विसर्जन स्थल तक पहुंचती है। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु माता की भक्ति में झूमते नजर आते हैं। जय माता दी के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय हो उठता है।

विसर्जन समारोह के दौरान विभिन्न दुर्गा उत्सव समितियों के आयोजकों को प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया जाता है। इस अवसर पर समितियों के सदस्यों को दुर्गा उत्सव के सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी जाती हैं। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक उत्सवों के प्रति समर्पण, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में नगर के वरिष्ठ नागरिकों, समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों की भी विशेष सहभागिता रहती है। सभी लोग एक-दूसरे को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए मां दुर्गा की अंतिम विदाई में शामिल होते हैं। साथ ही आने वाले वर्ष में दुर्गा उत्सव को और अधिक भव्य, आकर्षक एवं व्यवस्थित रूप से आयोजित करने की मंगलकामना करते हैं।

अमलेश्वर में दुर्गा उत्सव समितियों का सम्मान करने की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव, सहयोग और सामूहिक सहभागिता का संदेश भी देती है। समाजसेवी महेंद्र साहू की इस पहल से उत्सव समितियों को प्रोत्साहन मिलता है और नगर की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलती है।

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