नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने सार्वजनिक जीवन में डॉ. सिंह के योगदान और देश की आर्थिक प्रगति में उनकी भूमिका को स्मरण किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में लंबे समय तक देश की सेवा की और पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्व निभाए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को जयंती पर नमन किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन और भारत की प्रगति में डॉ. सिंह के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें देश के पूर्व प्रधानमंत्री और विख्यात अर्थशास्त्री के रूप में याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर स्मरण किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए पूर्व प्रधानमंत्री के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्हें नमन किया।
भाजपा नेता और उद्योगपति नवीन जिंदल ने डॉ. सिंह को याद करते हुए उनके आर्थिक योगदान और सार्वजनिक जीवन में उनकी शालीनता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. सिंह के कार्यकाल के दौरान संसद में उनके साथ काम करना और उनसे सीखना उनके लिए सौभाग्य की बात रही।
1991 में आर्थिक सुधारों से मिली नई दिशा
डॉ. मनमोहन सिंह का भारतीय आर्थिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। वर्ष 1991 से 1996 तक वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने व्यापक आर्थिक सुधारों की नीतियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, यह दौर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी समय रहा।
इसके बाद डॉ. मनमोहन सिंह ने वर्ष 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 22 मई 2004 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और 22 मई 2009 को दूसरी बार इस पद की जिम्मेदारी संभाली।
डॉ. सिंह के सार्वजनिक जीवन में आर्थिक नीति के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण सामाजिक और अधिकार आधारित कार्यक्रमों का दौर भी रहा। उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान मनरेगा, सूचना का अधिकार और शिक्षा के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण कानून एवं कार्यक्रम लागू हुए।
26 सितंबर 1932 को जन्मे डॉ. मनमोहन सिंह ने अर्थशास्त्र के क्षेत्र में लंबी अकादमिक और प्रशासनिक पारी के बाद भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह 1991 से राज्यसभा के सदस्य रहे और केंद्र सरकार में वित्त मंत्री समेत कई अहम पदों पर कार्य किया।


