विधायक ईश्वर साहू,अध्यक्ष श्वेता प्रशांत अग्रवाल हुए शामिल
धमधा। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व धमधा नगर में मंगलवार को हर्षोल्लास, धार्मिक आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। नगर के बाजार स्थित दशहरा मैदान में 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। आतिशबाजी के बीच रावण का पुतला महज पांच मिनट में जलकर राख हो गया। इस दौरान पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
धमधा नगरवासियों की ओर से आयोजित 83वें वर्ष के विशाल दशहरा महोत्सव एवं मेले में शाम होते ही जनसैलाब उमड़ पड़ा। रावण दहन की इस ऐतिहासिक परंपरा के साक्षी बनने के लिए बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में दशहरा मैदान पहुंचे। लोगों की भारी भीड़ से पूरा मैदान खचाखच भरा रहा और नगर में देर शाम तक उत्सव का माहौल बना रहा।






श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की शोभायात्रा ने मोहा मन
दशहरा महोत्सव के अंतर्गत शाम 6 बजे तमेर पारा स्थित रामलीला चौक से प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और श्री हनुमान की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। हैहैयवंशी रामलीला मंडली, तमेर पारा के नेतृत्व में श्रीराम दल और रावण सेना की शोभायात्रा देवांगन पारा, हटरी और मुख्य बाजार से होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
दशहरा मैदान में श्रीराम दल और रावण की सेना के बीच युद्ध का सजीव मंचन किया गया। मंचन में प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण द्वारा रावण वध के दृश्य ने उपस्थित लोगों को आकर्षित किया। इसके बाद 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। आतिशबाजी और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच लोगों ने इस पारंपरिक आयोजन का आनंद लिया।
विधायक ईश्वर साहू और नगर पंचायत अध्यक्ष श्वेता अग्रवाल हुए शामिल
दशहरा मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में साजा विधायक ईश्वर साहू एवं नगर पंचायत धमधा की अध्यक्ष श्वेता प्रशांत अग्रवाल शामिल हुए। आयोजन के दौरान नगर में धार्मिक उत्साह और उल्लास का वातावरण बना रहा।
83 वर्षों से कायम है दशहरा महोत्सव की परंपरा
धमधा में 83वें वर्ष आयोजित दशहरा महोत्सव नगर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक बना। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में नगरवासियों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया।
दशहरा पर्व ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि अन्याय और अहंकार चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य, धर्म और अच्छाई की ही होती है।


