धमधा। ऋण माफी सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों की क्रमिक भूख हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही। आंदोलनरत किसानों ने उनकी आवाज को प्रमुखता से उठाने वाले प्रिंट मीडिया के पत्रकारों एवं डिजिटल न्यूज चैनलों का अभिवादन करते हुए आभार व्यक्त किया।
किसानों ने कहा कि मीडिया बंधुओं द्वारा लगातार उनके आंदोलन और मांगों को प्रमुखता से प्रकाशित एवं प्रसारित किया जा रहा है। वहीं डिजिटल न्यूज चैनल किसानों की समस्याओं और उनकी आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। किसानों ने इसके लिए सभी मीडिया संस्थानों और पत्रकारों का विशेष आभार व्यक्त किया।
शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बाबा टेक सिंह चंदेल ने उठाए सवाल
किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरी मीडिया आज किसानों की वास्तविक स्थिति को सामने ला रही है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लोगों के सामने सच्चाई पहुंच रही है।
चंदेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि “छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ भाजपा शासन में सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। अधिकारियों को कार्रवाई नहीं करने दिया जा रहा है। किसानों की समस्याओं के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं होना इस सरकार की किसानों के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।”
उन्होंने कहा कि किसान पिछले 12 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को शासन के सामने रख रहे हैं और उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करेगी।
आत्मा साहू ने CG आवाज़ न्यूज़ चैनल का जताया आभार
किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक अध्यक्ष आत्मा साहू ने CG आवाज़ न्यूज़ चैनल का विशेष आभार जताते हुए कहा कि किसानों से जुड़े सभी मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
आत्मा साहू ने कहा, “लगातार CG आवाज़ न्यूज़ चैनल के द्वारा हमारी सभी समस्याओं और मुद्दों को प्रमुखता से रखा जा रहा है। किसानों की आवाज को जनता और शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए हम CG आवाज़ की पूरी टीम का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करते हैं।”
उन्होंने कहा कि मीडिया के सहयोग से किसानों की समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं और आंदोलन की आवाज शासन तक पहुंच रही है।
किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।


