बिजनेस डेस्क। UPI के जरिए भुगतान करने वाले लोगों के लिए MDR यानी Merchant Discount Rate को लेकर नई चर्चा सामने आई है। खास तौर पर ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन को लेकर अलग-अलग कैटेगरी में शुल्क की व्यवस्था की बात कही जा रही है। हालांकि, सभी UPI भुगतान पर एक समान MDR लागू नहीं होता। यह भुगतान के प्रकार और संबंधित मर्चेंट कैटेगरी पर निर्भर करता है।
बिजली बिल का भुगतान भी UPI के जरिए किया जा सकता है। NPCI के अनुसार बिजली, पानी और गैस जैसी सेवाओं को Utility कैटेगरी में रखा गया है।
बिजली बिल भरने वालों पर क्या असर होगा?
बिजली बिल का UPI भुगतान करते समय ग्राहक से MDR के नाम पर अलग से राशि वसूले जाने का सवाल महत्वपूर्ण है। MDR सामान्य तौर पर भुगतान स्वीकार करने वाले मर्चेंट से जुड़ा शुल्क होता है। इसलिए किसी भी अतिरिक्त शुल्क की जानकारी भुगतान से पहले संबंधित बिजली विभाग या पेमेंट प्लेटफॉर्म की शर्तों में देखना जरूरी है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी उपभोक्ता का बिजली बिल ₹5,000 है और वह UPI से भुगतान करता है, तो भुगतान स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली अंतिम राशि को जरूर जांचना चाहिए। केवल MDR की चर्चा के आधार पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि ग्राहक के खाते से स्वतः अतिरिक्त ₹5 काटे जाएंगे।
₹2,000 या उससे कम के बिल पर क्या होगा?
₹2,000 की सीमा को लेकर अलग-अलग UPI और मर्चेंट व्यवस्थाओं में अलग नियम हो सकते हैं। इसलिए बिजली बिल के मामले में किसी एक दर को सभी बिजली कंपनियों और सभी भुगतान माध्यमों पर लागू मानना सही नहीं होगा।
NPCI के आधिकारिक रिकॉर्ड में Utility कैटेगरी के अंतर्गत बिजली, पानी और गैस बिल शामिल हैं।
क्या हर UPI पेमेंट पर MDR लगेगा?
नहीं। UPI के सभी ट्रांजैक्शन पर एक समान MDR लागू नहीं होता। भुगतान का प्रकार, मर्चेंट की कैटेगरी और लागू नियम इसके निर्धारण में महत्वपूर्ण होते हैं। NPCI के अनुसार UPI के जरिए बिजली बिल समेत कई तरह के बिलों का भुगतान किया जा सकता है।
इसलिए बिजली बिल भरते समय भुगतान से पहले स्क्रीन पर दिख रही कुल भुगतान राशि और किसी भी अतिरिक्त शुल्क की जानकारी जरूर जांच लें।


