बेमेतरा। पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (आईपीएस) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव के मार्गदर्शन में बेमेतरा पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल एवं पीएम सेजस राठी स्कूल, बेमेतरा में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस, परिवहन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों, साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा नशामुक्ति के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थियों को बताया गया कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना कानूनन अपराध है और वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना, रजिस्ट्रेशन, बीमा और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे आवश्यक दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य है।
नाबालिगों को वाहन चलाने देने पर सख्त कार्रवाई
यातायात पुलिस ने अभिभावकों को चेतावनी देते हुए बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199-ए के तहत नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में अभिभावक या वाहन मालिक को तीन वर्ष तक की जेल और 25 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा संबंधित नाबालिग को 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकता तथा वाहन का पंजीयन (आरसी) भी 12 माह तक के लिए निरस्त किया जा सकता है।


बच्चों को सुरक्षित यातायात के दिए टिप्स
छात्र-छात्राओं को पैदल चलते समय फुटपाथ का उपयोग करने, सड़क पार करते समय सावधानी बरतने, चलते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने तथा विद्यालय और अभिभावकों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई। साथ ही साइबर सुरक्षा और नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन डीएसपी (मुख्यालय) राजेश कुमार झा, जिला परिवहन अधिकारी के.एल. महौर, यातायात प्रभारी प्रवीण खलखो, जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल तथा पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने किया। इस दौरान विद्यालय की प्राचार्य डॉ. अलका तिवारी, शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
बेमेतरा पुलिस ने बताया कि “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के तहत जिले के स्कूलों, कॉलेजों और हॉट-बाजारों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।

