नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े मामलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ आगे कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों को बिना अतिरिक्त कार्रवाई के बंद माना जाएगा। हालांकि, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यदि प्रदर्शन के दौरान किसी की गिरफ्तारी या हिरासत हुई है तो उसकी समीक्षा कर संबंधित लोगों की रिहाई की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। विभाग ने बताया कि 29 जुलाई की शाम छह बजे तक दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों से जुड़े 13 एफआईआर दर्ज की हैं।
सरकार ने अपने आदेश में कहा कि विरोध-प्रदर्शन में शामिल सामान्य लोगों के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई करने का इरादा नहीं है। हालांकि, उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश के अनुसार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान 2,800 से अधिक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की पहचान की गई है। पुलिस ने बताया कि इनकी पहचान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) और हाई-रेजोल्यूशन कैमरों की मदद से की गई। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। संसद मार्च के लिए अनुमति नहीं होने के कारण प्रदर्शनकारियों को उच्च सुरक्षा क्षेत्र में जाने से रोका गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू

