विवादित भूमि की रजिस्ट्री पर बवाल: उप पंजीयक कार्यालय पर मिलीभगत के आरोप, न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी

दुर्ग/धमधा। ग्राम महाराजपुर की विवादित कृषि भूमि की रजिस्ट्री को लेकर अब मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने उप पंजीयक कार्यालय धमधा पर गंभीर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी और दलाल तंत्र की सक्रियता के कारण आम ग्रामीण न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार ग्राम महाराजपुर निवासी श्रीमती गणेशिया बाई चतुर्वेदी द्वारा खसरा नंबर 303/3, 304/8 एवं 406/8 की पैतृक कृषि भूमि को लेकर 10 फरवरी 2026 को उप पंजीयक कार्यालय धमधा एवं राजस्व विभाग को लिखित आपत्ति दी गई थी। आवेदन में स्पष्ट बताया गया था कि भूमि विवाद न्यायालय में लंबित है तथा भूमि पर प्रार्थी एवं उनके बच्चों का वैधानिक अधिकार है। इसके बावजूद 19 फरवरी 2026 को उक्त भूमि की रजिस्ट्री कर दी गई।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब मामले में पहले से आपत्ति दर्ज थी और न्यायालय में प्रकरण लंबित था, तब भी रजिस्ट्री होना सीधे तौर पर उप पंजीयक कार्यालय की लापरवाही और संदिग्ध भूमिका को दर्शाता है। परिवार का कहना है कि कार्यालयों में आम नागरिकों की शिकायतों को दरकिनार कर दलालों और प्रभावशाली लोगों के काम को प्राथमिकता दी जाती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि रजिस्ट्री कार्यालय में बिना जांच और नियमों की अनदेखी कर विवादित संपत्तियों का पंजीयन किया जा रहा है, जिससे आम लोग अपने ही अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। पीड़ित पक्ष ने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई भी ग्रामीण प्रशासन पर भरोसा नहीं कर पाएगा।

मामले को लेकर पीड़ित परिवार कमिश्नर कार्यालय पहुंचा और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, विवादित रजिस्ट्री निरस्त करने तथा भूमि के आगे हस्तांतरण पर रोक लगाने की मांग की है।

परिवार ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो पूरा परिवार आंदोलन और हड़ताल करने पर मजबूर होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वर्तमान में यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

nikettamrakar
nikettamrakar
Articles: 351