रायपुर। देश में बढ़ती महंगाई आम लोगों के घरेलू बजट को प्रभावित कर रही है। हरिभूमि में 15 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि अगस्त में यह 4.83 प्रतिशत थी। छत्तीसगढ़ में महंगाई दर 5 प्रतिशत दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत से कम है, लेकिन कई राज्यों की तुलना में अधिक है।
रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में छत्तीसगढ़ की महंगाई दर में अगस्त की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 4.12 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.14 प्रतिशत दर्ज की गई। इससे ग्रामीण परिवारों पर बढ़ती कीमतों का अपेक्षाकृत अधिक दबाव दिखाई देता है।
तमिलनाडु में सबसे अधिक महंगाई
राज्यों की महंगाई दर के आंकड़ों में तमिलनाडु 6.81 प्रतिशत के साथ सबसे ऊपर रहा। ओडिशा में 6.70 प्रतिशत और मध्यप्रदेश में 6.68 प्रतिशत महंगाई दर दर्ज की गई। तेलंगाना में यह 6.64 प्रतिशत, आंध्रप्रदेश में 6.29 प्रतिशत और उत्तरप्रदेश में 6.08 प्रतिशत रही। कर्नाटक में 5.86 प्रतिशत और राजस्थान में 5.71 प्रतिशत महंगाई दर दर्ज की गई।
बिहार में महंगाई दर 5.48 प्रतिशत, उत्तराखंड में 5.47 प्रतिशत, पंजाब में 5.27 प्रतिशत, केरल में 5.26 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 5.18 प्रतिशत और गुजरात में 5.11 प्रतिशत रही। मणिपुर में यह दर 5.10 प्रतिशत और झारखंड में 5.02 प्रतिशत दर्ज की गई। इस सूची में छत्तीसगढ़ की महंगाई दर 5 प्रतिशत रही।
इन राज्यों में महंगाई दर कम
कुछ राज्यों में महंगाई दर राष्ट्रीय औसत के मुकाबले काफी कम दर्ज की गई। सिक्किम में 4.83 प्रतिशत, असम में 4.62 प्रतिशत, हरियाणा में 4.37 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 4.04 प्रतिशत महंगाई दर रही। हिमाचल प्रदेश में यह 4.02 प्रतिशत, त्रिपुरा में 3.96 प्रतिशत, गोवा में 3.92 प्रतिशत और अरुणाचल प्रदेश में 3.70 प्रतिशत रही। मेघालय में 3.59 प्रतिशत, नागालैंड में 3.22 प्रतिशत और मिजोरम में सबसे कम 2.85 प्रतिशत महंगाई दर दर्ज की गई।
महंगाई दर में बढ़ोतरी का असर खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों के जरिए परिवारों के खर्च पर पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ में दर राष्ट्रीय औसत से कम होने के बावजूद आम उपभोक्ताओं के लिए जरूरी वस्तुओं की कीमतें और घरेलू बजट पर उनका असर महत्वपूर्ण बना हुआ है।


