कोलकाता। त्योहारों के मौसम में ऑनलाइन खरीदारी में तेजी और ई-कॉमर्स कंपनियों की भारी छूट ने पारंपरिक खुदरा कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल व्यापार संघ (सीडब्ल्यूबीटी) ने ऑनलाइन बिक्री में बढ़ते उछाल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले आकर्षक ऑफर्स को लेकर सवाल उठाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार के बीच कीमतों का अंतर पारंपरिक दुकानदारों के कारोबार को प्रभावित कर रहा है।
दो दिन में 24 हजार करोड़ रुपये की बिक्री का दावा
व्यापारी संगठन के अनुसार, त्योहारों के शुरुआती दो दिनों में ई-कॉमर्स कंपनियों ने करीब 24,000 करोड़ रुपये का सामान बेचा। संगठन के अध्यक्ष सुशील पोद्दार ने कहा कि चिंता ऑनलाइन कारोबार के विस्तार को लेकर नहीं, बल्कि ऑनलाइन और ऑफलाइन विक्रेताओं के बीच बढ़ते मूल्य अंतर को लेकर है।
छोटे दुकानदारों के सामने चुनौती
व्यापारियों का कहना है कि पारंपरिक दुकानदारों को दुकान का किराया, कर्मचारियों का वेतन, बिजली, परिवहन और माल के भंडारण जैसे खर्च उठाने पड़ते हैं। इसके मुकाबले बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट और आकर्षक ऑफर्स देते हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाता है।
समान अवसर और कीमतों में संतुलन की मांग
व्यापारी संगठनों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार के बीच उचित प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने की जरूरत बताई है। उनका कहना है कि डिजिटल कारोबार के बढ़ते दौर में पारंपरिक दुकानदारों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि छोटे व्यापारियों को बाजार में समान अवसर मिल सकें।
त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीदारी उपभोक्ताओं को आकर्षक छूट और सुविधा उपलब्ध कराती है, लेकिन इसके साथ पारंपरिक कारोबार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बहस भी तेज हो रही है। अब देखना होगा कि बाजार में प्रतिस्पर्धा और छोटे व्यापारियों के हितों के बीच संतुलन बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


