बेमेतरा। साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त करने और उसे छिपाने के मामले में बेमेतरा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले पैसे लेते थे। दोनों आरोपियों को 16 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (IPS) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव, एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का और एसडीओपी बेरला रुचि वर्मा के मार्गदर्शन में साइबर अपराधों में संलिप्त लोगों और उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, चौकी देवरबीजा, थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा को बैंक ऑफ महाराष्ट्र की देवरबीजा शाखा के एक खाते में यूपीआई के माध्यम से 25 अक्टूबर 2024 को 1 लाख 4 हजार रुपये जमा होने की जानकारी मिली। यह रकम हरियाणा के सिरसा जिले के रनिया थाना क्षेत्र निवासी तारसेम सिंह के साथ हुई साइबर ठगी से संबंधित बताई गई है।
जांच के दौरान बैंक खाते के धारक की पहचान ग्राम संबलपुर, थाना साजा निवासी महेश भारती (28 वर्ष) के रूप में हुई। पूछताछ में सामने आया कि उसने अपना बैंक खाता नरसिंग मनहरे (25 वर्ष), निवासी संबलपुर, को 1,000 रुपये के बदले दिया था। पुलिस के अनुसार, नरसिंग मनहरे ने भी बैंक खातों को अन्य व्यक्तियों तक पहुंचाने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने महेश भारती और नरसिंग मनहरे के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(5), 111 और 3(5) के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक ईश्वरी कुमारी डुप्ले, सहायक उप निरीक्षक दीनानाथ सिन्हा सहित चौकी देवरबीजा के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


