हथखोज हत्याकांड का फरार आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार, दो साल से बदल रहा था ठिकाना शराब पीने को लेकर हुआ था विवाद, बेल्ट टूटने के बाद पत्थर से किया था जानलेवा वार

भिलाई। हथखोज क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुए नरेन्द्र नवरंगे हत्याकांड के मामले में लगभग दो वर्षों से फरार चल रहे आरोपी सोनू उर्फ इंद्रपाल सिंह को पुरानी भिलाई पुलिस ने हरियाणा के पलवल से गिरफ्तार किया है। आरोपी घटना के बाद लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस से बचता रहा और पलवल में छिपकर रह रहा था।

मोबाइल खरीदने के बहाने ले गए थे सुनसान जगह

पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर 2024 को निकेश यादव अपने दोस्त नरेन्द्र नवरंगे और आयुष गायकवाड के साथ किस्त में मोबाइल खरीदने जा रहा था। मोबाइल खरीदने के सिलसिले में उनकी बातचीत आरोपी जितेन्द्र वर्मा से हुई। जितेन्द्र ने छावनी आने और मोबाइल दिलाने की बात कही।

रास्ते में एसीसी चौक के पास जितेन्द्र अपने साथी सोनू उर्फ इंद्रपाल सिंह और सुमीत जायसवाल के साथ मिला। इसके बाद सभी हथखोज स्थित बीईसी कंपनी के पीछे पहुंचे।

शराब को लेकर विवाद, बेल्ट के बाद पत्थर से वार

बीईसी कंपनी के पीछे शराब पीने की बात को लेकर नरेन्द्र और आरोपियों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने नरेन्द्र के साथ हाथ-मुक्के से मारपीट की।

इसी दौरान आरोपी जितेन्द्र वर्मा ने बेल्ट से नरेन्द्र पर हमला किया। बेल्ट टूटने के बाद पास में पड़े भारी पत्थर से उसके सिर पर प्राणघातक वार कर दिया, जिससे नरेन्द्र की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना में जितेन्द्र वर्मा, सोनू और सुमीत जायसवाल की संलिप्तता सामने आई। आरोपी जितेन्द्र वर्मा के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद न्यायालय द्वारा उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

दो साल बाद पलवल में मिला फरार आरोपी

मामले में फरार चल रहे सोनू उर्फ इंद्रपाल सिंह के खिलाफ न्यायालय से स्थायी वारंट जारी था। वारंट की तामिली और आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस को उसके हरियाणा के पलवल में छिपे होने की जानकारी मिली।

इसके बाद पुरानी भिलाई पुलिस और एसीसीयू भिलाई की टीम ने कार्रवाई करते हुए 5 सितंबर 2026 को पलवल, हरियाणा से आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर 7 सितंबर 2026 तक ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया।

ऐसे दिया गया था वारदात को अंजाम

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने मोबाइल खरीदने के बहाने नरेन्द्र को सुनसान स्थान पर बुलाया। वहां शराब पीने को लेकर विवाद किया गया। इसके बाद हाथ-मुक्के और बेल्ट से मारपीट की गई तथा अंत में भारी पत्थर से सिर पर वार कर नरेन्द्र की हत्या कर दी गई।

आरोपी: सोनू उर्फ इंद्रपाल सिंह, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम कोलहुवा, थाना बेन, जिला नालंदा, बिहार।

पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्रवाई में थाना पुरानी भिलाई के निरीक्षक विजय यादव, प्रधान आरक्षक सत्येन्द्र मढरिया, आरक्षक नरेन्द्र यादव, उप निरीक्षक एस.आर. नुरेटी, प्रधान आरक्षक जशपाल सिंह तथा एसीसीयू भिलाई के आरक्षक सनत भारती की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि विवाद की स्थिति में कानून हाथ में न लें और किसी भी आपराधिक घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें। फरार आरोपियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

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