नई दिल्ली। अगर आप शादी-ब्याह, किसी खास आयोजन या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो बाजार जाने से पहले आज के भाव जानना जरूरी है। 27 सितंबर 2026 को सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। वहीं चांदी का भाव भी मजबूत बना हुआ है। ऐसे में खरीदारी से पहले बाजार भाव और अंतिम बिल में शामिल होने वाले शुल्क को समझना जरूरी है।
24 कैरेट सोने का भाव
27 सितंबर को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,52,680 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। यानी एक ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 15,268 रुपये है।
वहीं 22 कैरेट सोना करीब 1,39,950 रुपये प्रति 10 ग्राम यानी 13,995 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर है। आभूषण बनाने के लिए आमतौर पर 22 कैरेट सोने की मांग अधिक रहती है।
18 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,14,510 रुपये प्रति 10 ग्राम यानी 11,451 रुपये प्रति ग्राम बताई गई है।
चांदी का भाव भी ऊंचे स्तर पर
सोने के साथ चांदी खरीदने वालों के लिए भी आज का भाव महत्वपूर्ण है। चांदी करीब 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है।
इस हिसाब से 10 ग्राम चांदी करीब 2,450 रुपये और 100 ग्राम चांदी करीब 24,500 रुपये की पड़ती है।
इन शहरों में करीब 2.45 लाख रुपये किलो चांदी
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे, वडोदरा और अहमदाबाद में चांदी का भाव करीब 2.45 लाख रुपये प्रति किलो बताया गया है। वहीं चेन्नई, हैदराबाद और केरल में चांदी की कीमत करीब 2.50 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंची हुई है।
हालांकि, वास्तविक कीमत शहर, ज्वेलर और स्थानीय बाजार के अनुसार कुछ अलग हो सकती है।
सोना खरीदते समय हॉलमार्क जरूर जांचें
सोने की खरीदारी के दौरान केवल कीमत देखना पर्याप्त नहीं है। आभूषण की शुद्धता, कैरेट और BIS हॉलमार्क की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। चांदी खरीदते समय भी उसकी शुद्धता की पुष्टि करना जरूरी है।
इसके अलावा दुकानदार से पक्का GST बिल लेना चाहिए। बिल में सोने का वजन, प्रति ग्राम कीमत, मेकिंग चार्ज और GST की राशि स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए।
बाजार भाव और अंतिम बिल में क्यों होता है अंतर?
बाजार में बताए जाने वाले सोने के भाव और दुकान पर बनने वाले अंतिम बिल की रकम में अंतर हो सकता है। आभूषण खरीदने पर मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागू शुल्क जुड़ सकते हैं।
इसलिए खरीदारी करते समय केवल सोने या चांदी का बाजार भाव देखने के बजाय पूरे बिल की अंतिम लागत को समझना जरूरी है।


