धमधा। कर्जमाफी सहित अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर धमधा में किसानों का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। किसान धरना स्थल पर क्रमिक भूख हड़ताल कर सरकार और प्रशासन से मांगों पर ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि लंबे समय से आवेदन और ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन समाधान नहीं निकलने के बाद उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
किसानों के अनुसार उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम सहित अनुभाग और उच्च स्तर के अधिकारियों तक आवेदन प्रस्तुत किए, लेकिन लगातार मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण अब किसान क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
बैंक कर्मचारियों के पहुंचने पर बढ़ा विवाद
आंदोलन के चौथे दिन उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब कर्ज संबंधी नोटिस देने के लिए बैंक कर्मचारी खपरी गांव में नोटिस देने पहुंचे। किसानों के मुताबिक, इस दौरान धमधा पुलिस आरक्षक, सब इंस्पेक्टर एवं स्टाफ भी मौके पर मौजूद थे। ग्रामीणों और बैंक अधिकारी कर्मचारियों के बीच बातचीत के दौरान कहासुनी हो गई और देखते ही देखते मामला विवाद में बदल गया।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि ग्रामीणों ने बैंक कर्मचारियों को मौके पर ही रोक लिया। कुछ समय के लिए पुलिस के द्वारा सुरक्षित गाड़ी में बैठाया गया लेकिन कुछ समय के लिए उन्हें बाहर निकलने नहीं दिया गया, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया।
धमधा थाना प्रभारी महेश ध्रुव के निर्देशन में किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल की समझाइश से शांत हुआ मामला
थाना प्रभारी धमधा महेश ध्रुव के सफल निर्देशन में विवाद की सूचना किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल को दिया जिसके चलते किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ग्रामीणों को समझाइश दी गई। समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए और बैंक कर्मचारियों को वहां से बाहर निकाला गया। इस दौरान बड़ी घटना होते-होते टल गई।
नोटिस पर किसानों में नाराजगी
किसानों का आरोप है कि कर्जमाफी के समय हितग्राही चयन में बड़ी चूक हुई, जिसका खामियाजा आज किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि एक ओर वे कर्जमाफी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें बैंक की ओर से लगातार नोटिस मिल रहे हैं और जमीन कुर्की की कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है। इससे किसानों में नाराजगी और बढ़ती जा रही है।
किसानों का सवाल है कि जब कर्जमाफी के लिए पात्रता और हितग्राही चयन की प्रक्रिया में कथित तौर पर चूक हुई है, तो उसका समाधान किसानों पर दबाव बनाकर क्यों किया जा रहा है?
अब आगे क्या होगा?
धमधा में आंदोलन अब चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी। दूसरी ओर, बैंक और ग्रामीणों के बीच बढ़ते तनाव ने प्रशासन के सामने भी नई चुनौती खड़ी कर दी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उच्च अधिकारी किसानों की मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय लेते हैं, या फिर यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा? फिलहाल पूरे मामले पर किसानों, प्रशासन और बैंक प्रबंधन के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
इस मौके पर किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल आत्मा साहू अध्यक्ष किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक डॉ जोहन वर्मा पूर्व जनपद सदस्य पंचराम साहू दुवासू साहू मनसुख साहू बिसंभर साहू भानु साहू हर्ष साहू मनसुख साहू भानु साहू तेजेश्वर सोनवानी कमल नारायण सुपंथक पेखन यादव राजेंद्र वर्मा देवचरण साहू कमलेश जंघेल सहित इत्यादि ग्रामीण जन किसान बंधु उपस्थित रहे।

