वॉशिंगटन। अमेरिका में डायबिटीज और वजन घटाने के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा ओजेम्पिक (Ozempic) की कथित नकली खेप से जुड़े मामले में दो भारतीयों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, आरोपियों पर चीन से नकली ओजेम्पिक हासिल कर उसे अमेरिका में कम कीमत पर बेचने की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
चीन से मंगाई गई थी कथित नकली दवा
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, फ्लोरिडा के मिडिल डिस्ट्रिक्ट की फेडरल ग्रैंड जूरी ने स्वपनदीप रॉय और विक्की रामंचा समेत अन्य लोगों पर नकली ओजेम्पिक की तस्करी और बिक्री से जुड़े आरोप लगाए हैं।
कोर्ट दस्तावेजों के मुताबिक, जुलाई 2023 से अप्रैल 2024 के बीच आरोपियों ने चीन के कथित अनधिकृत स्रोतों से ओजेम्पिक की नकली खेप हासिल की और उसे अमेरिकी डिस्ट्रीब्यूटर्स को बेचने की कोशिश की।
असली दवा जैसा तैयार किया गया पैकेज
अमेरिकी अधिकारियों के आरोप के मुताबिक, नकली उत्पादों की पैकेजिंग और उससे जुड़ी सामग्री को इस तरह तैयार किया गया था कि खरीदारों को वह असली ओजेम्पिक जैसी नजर आए। इसमें पैकेजिंग, सूचना पुस्तिका, पेन लेबल और सुइयां शामिल थीं।
ओजेम्पिक एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है, जिसका इस्तेमाल टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में किया जाता है और इसे वजन प्रबंधन के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
एक आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, आरोपी स्वपनदीप रॉय को इटली से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद टाम्पा की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान रॉय ने खुद को निर्दोष बताया। वहीं, दूसरा आरोपी विक्की रामंचा फरार बताया जा रहा है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, दिसंबर 2023 में अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा नकली ओजेम्पिक की कुछ खेप जब्त किए जाने और इस संबंध में सार्वजनिक चेतावनी जारी किए जाने के बाद भी कथित गतिविधियां जारी रहीं।
71 साल तक की सजा का प्रावधान
न्याय विभाग के अनुसार, आरोपियों पर नकली दवाओं की तस्करी और बिक्री तथा अमेरिका को धोखा देने की साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। दोष सिद्ध होने की स्थिति में संबंधित आरोपों के तहत कुल मिलाकर अधिकतम 71 वर्ष तक की जेल हो सकती है। हालांकि, अंतिम सजा अदालत में मामले की सुनवाई और दोष सिद्ध होने के बाद ही तय होगी।
अमेरिकी न्याय विभाग ने नकली प्रिस्क्रिप्शन दवाओं को सार्वजनिक स्वास्थ्य और दवा आपूर्ति व्यवस्था के लिए गंभीर जोखिम बताया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।


