- दुर्ग में कॉपरेटिव बैंक के सीईओ के समक्ष दूसरी बैठक, 2018 के एनपीए खातों की ऋण माफी और अन्य किसानों को मिली छूट पर मांगा जवाब
दुर्ग। किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक के नेतृत्व में आज आईडीबीआई बैंक के ऋण प्रकरण को लेकर दुर्ग स्थित कॉपरेटिव बैंक के सीईओ के समक्ष बैंक अधिकारियों के साथ दूसरी बैठक आयोजित की गई। पहली बैठक में बैंक से आवश्यक जानकारी मांगी गई थी, जबकि दूसरी बैठक में बैंक अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2018 में एनपीए (NPA) घोषित हुए कुछ खातों का ऋण पूर्ण रूप से माफ किया गया था, जबकि अन्य किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार आंशिक छूट प्रदान की गई।
बैठक में किसानों ने सवाल उठाया कि सामान्यतः किसी भी बैंक द्वारा केवल एनपीए होने के आधार पर ऋण की पूर्ण माफी नहीं की जाती, फिर आईडीबीआई बैंक ने किन नियमों और परिस्थितियों में कुछ खातों का पूरा ऋण माफ किया। इस पर किसानों का आरोप है कि बैंक अधिकारियों की ओर से स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया।
किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने आरोप लगाया कि कई किसानों को एकड़ पीछे लगभग 3 से 5 लाख रुपये तक का ऋण देने के दौरान उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रलोभन दिए गए। उन्होंने कहा कि अन्य किसानों के ड्रिप सिंचाई जैसे आधुनिक कृषि उपकरणों की तस्वीरें दिखाकर ऋण लेने के लिए प्रेरित किया गया। उनका आरोप है कि यदि बिना पर्याप्त जांच के अधिक राशि का ऋण स्वीकृत किया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह भी देखा जाना चाहिए कि कहीं इसमें कमीशनखोरी या किसानों को भ्रमित करने का मामला तो नहीं है।
इस दौरान भाजपा किसान मोर्चा दुर्ग के जिलाअध्यक्ष रोहित राजपूत ने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव उचित नहीं है। यदि कुछ किसानों को विशेष लाभ दिया गया और अन्य किसानों को नहीं, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को प्रलोभन देकर ऋण वितरित किया गया है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जाए। यदि किसानों को न्याय नहीं मिला तो मामले को उच्च स्तर तक ले जाया जाएगा।
बैठक में दुर्ग कॉपरेटिव बैंक के सीईओ ने सभी किसानों से वर्ष 2018 से वर्तमान तक अपने-अपने ऋण खातों का विस्तृत बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत करने को कहा, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि किन खातों में किस प्रकार की ऋण छूट या राहत दी गई है और पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच की जा सके।
इस बैठक में डॉ जोहान वर्मा पूर्व जनपद सदस्य,पंचराम साहू, दुवासू साहू,मनसुख साहू,भानु साहू,सुभाष साहू इत्यादि किसान मौजूद रहे।

