रायपुर। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश की राजनीति, संगठन विस्तार और राज्य सरकार की कार्यशैली को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस संगठन में जल्द नई नियुक्तियां की जाएंगी और करीब 10 से 20 प्रतिशत नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। साथ ही एंटी पेपर लीक कानून, पीएससी भर्ती विवाद और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।
बैज ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक विस्तार की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द नई टीम की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी निजी कारणों से संगठन को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं, उनकी जगह सक्रिय और जमीनी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। इस प्रस्ताव को कांग्रेस नेतृत्व की मंजूरी भी मिल चुकी है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की संगठनात्मक समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कार्यों की सराहना की गई। जिला, मंडल और पंचायत स्तर पर संगठन को मजबूत करने के प्रयासों की समीक्षा हुई और आगामी चुनावों के साथ भाजपा के खिलाफ रणनीति पर भी चर्चा की गई।
प्रदेश सरकार के एंटी पेपर लीक कानून पर सवाल उठाते हुए दीपक बैज ने कहा कि पहले भी ऐसा कानून बनाया गया था, लेकिन उसका कोई प्रभाव नजर नहीं आया। उनका कहना था कि केवल कानून बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है।
पीएससी भर्ती विवाद पर भाजपा को घेरते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा ने पीएससी घोटाले का मुद्दा प्रमुखता से उठाया, लेकिन अब जांच जारी रहने के बावजूद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी जा रही हैं। उन्होंने पूछा कि यदि घोटाले के आरोप सही हैं तो नियुक्तियां क्यों दी जा रही हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी बैज ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित कई क्षेत्रों में मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियां फैल रही हैं, जबकि सरकार केवल अपनी उपलब्धियों के प्रचार में लगी हुई है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों की अव्यवस्थाओं और नकली दवाइयों की शिकायतों का भी उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की।
अंत में दीपक बैज ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस संगठन को मजबूत करते हुए प्रदेशभर में जनहित के मुद्दों को और मजबूती से उठाएगी तथा सरकार की नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी।

