दुर्ग जिले में धान खरीदी में बड़ा घोटाला उजागर,मामला धमधा ब्लॉक का

धमधा – धान खरीदी सीज़न के बीच दुर्ग जिले में बारदाना घोटाले ने पूरे कृषि तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। जिले की कई सेवा सहकारी समितियों में निर्धारित 580 ग्राम के बजाय 400 से 500 ग्राम तक के कम वजन वाले बारदाने पाए गए हैं। यह गड़बड़ी सीधे किसानों के हितों पर चोट कर रही है और तौल में भारी अंतर की आशंका को जन्म दे रही है।घटना के उजागर होने के बाद किसानों और समिति प्रबंधकों में आक्रोश फैल गया है। कई समितियों ने स्वयं खुलकर बारदाना की कमी स्वीकार की है।

समितियों के अधिकारी बोले — “कमी स्पष्ट, नुकसान किसानों का”

देवरी सेवा सहकारी समिति के प्राधिकृत अधिकारी रोहित सिंह राजपूत ने बताया कि बरदाना के वजन में स्पष्ट कमी पाई गई है। इस स्थिति की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है तथा शीघ्र समाधान की अपेक्षा है।

सेवा सहकारी समिति बरहापुर के प्राधिकृत अधिकारी सागर वर्मा ने इसे गंभीर प्रशासनिक भ्रष्टाचार बताते हुए कहा कि इसकी विस्तृत जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों को लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है अगर प्रशाशन अगर इसके विपरीत कार्य करेगा तो गलत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ,कार्यवाही होनी चाहिए।

सेवा सहकारी समिति धमधा के प्रबंधक अजय ताम्रकार ने बताया कि मौके पर 580 ग्राम के स्थान पर 400, 420, 430 और 500 ग्राम तक के अलग-अलग वजन वाले बारदाने मिले। सुपरवाइजर संजय दिल्लीवार की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

पत्रकारों ने मांगी प्रतिक्रिया, जिला प्रशासन ने साधी चुप्पी 
मौके पर मौजूद पत्रकारों ने दुर्ग जिला अधिकारी और जिला कलेक्टर से दूरभाष के माध्यम से जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों अधिकारियों द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। प्रशासन की यह चुप्पी पूरे प्रकरण को और संदिग्ध बना रही है।

किसानों में भय का माहौल — “तौल गलत हुई तो सालभर की मेहनत बर्बाद”

बारदाने के वजन में कमी का सीधा असर धान की तौल पर पड़ता है।

किसानों का कहना है कि यह गड़बड़ी उनकी उपज के वजन को कम दिखा सकती है, जिससे आर्थिक नुकसान होना तय है। कई केंद्रों पर किसान स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त कर चुके हैं।

जिले में हलचल, जांच की मांग तेज

समिति कर्मचारियों की हड़ताल, युवाओं का आंदोलन, संघ के प्रदेश अध्यक्ष की गिरफ्तारी और अब बारदाना घोटाले की आशंका ने जिले की कृषि व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है। किसान संगठनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, बारदाने की जिलेभर में पुनः जांच, और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

किसानों के साथ सीधे तौर पर अन्याय किया जा रहा है एक तो किसान अव्यवस्था के चलते परेशान है टोकन का अता पता नहीं है और ऊपर से बारदाना के वजन में कमी ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार केवल किसानों को ठगने का कार्य कर रही है।

राजीव गुप्ता, महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग 
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