दुर्ग में 110 एकड़ कोटवारी जमीन की खरीद-फरोख्त का खुलासा, रजिस्ट्री निरस्त कराने कोर्ट पहुंचा प्रशासन

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कोटवारी सेवा भूमि की खरीद-फरोख्त का बड़ा मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की जांच में जिले की 6 तहसीलों के 51 गांवों में 107 खसरों की जमीन के विक्रय का खुलासा हुआ है। करीब 110 एकड़ कोटवारी जमीन की बिक्री से जुड़े इन मामलों में प्रशासन ने अब कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रशासन ने जमीन के विक्रय पत्रों को अवैध और शून्य घोषित कराने के लिए न्यायालय में 75 प्रकरण दायर किए हैं। इसके साथ ही विवादित जमीन पर निर्माण और किसी भी तरह के हस्तक्षेप को रोकने की मांग भी की गई है, ताकि न्यायालय के फैसले तक जमीन की स्थिति में बदलाव न हो।

सेवा भूमि की बिक्री के मामलों में संबंधित कोटवारों के खिलाफ 29 अनुशासनात्मक प्रकरण भी दर्ज किए गए हैं। प्रशासन की जांच में सबसे ज्यादा गड़बड़ी पाटन तहसील में सामने आई है। यहां 17 गांवों में लगभग 11 हेक्टेयर कोटवारी जमीन की बिक्री का मामला उजागर हुआ है।

कोटवारी भूमि का आवंटन राजस्व संबंधी सेवाओं के निर्वहन से जुड़ा होता है। ऐसी सेवा भूमि के हस्तांतरण और बिक्री को लेकर कानूनी प्रावधान लागू होते हैं। इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने संबंधित विक्रय पत्रों को निरस्त कराने के लिए न्यायालय का रुख किया है।

अब इन मामलों में न्यायालय के फैसले पर नजर है। कोर्ट के निर्णय के बाद ही संबंधित जमीनों की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

nikettamrakar
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