नई दिल्ली। जीएसटी की दरों में बार-बार बदलाव से कारोबारियों और उद्योगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए अब साल में केवल एक बार ही जीएसटी दरों में बदलाव किए जाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जीएसटी परिषद की आगामी बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी परिषद ने पिछले साल सितंबर में कर दरों और स्लैब में बदलाव का फैसला किया था। इसमें चार स्लैब वाले जीएसटी ढांचे को बदलकर दो मुख्य स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया था।
8 अक्टूबर को होगी 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक 8 अक्टूबर को 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में जीएसटी दरों में बदलाव के प्रस्तावों पर चर्चा के साथ-साथ कर रिफंड की प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी विचार किया जा सकता है।
पांच फीसदी की एकल जीएसटी दर पर भी चर्चा
आगामी बैठक में दरों को तर्कसंगत बनाने और आवश्यकता के अनुरूप बदलाव करने पर विचार किया जाएगा। कुछ प्रस्तावों के तहत पांच प्रतिशत की एकल जीएसटी दर लागू करने की संभावना पर भी चर्चा हो सकती है।
रिफंड की समय सीमा 17 दिन करने का प्रस्ताव
जीएसटी रिफंड को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आया है। वर्तमान में कई मामलों में रिफंड मिलने में अधिक समय लग जाता है। प्रस्ताव है कि रिफंड की प्रक्रिया को तेज कर 17 दिन के भीतर रिफंड सुनिश्चित किया जाए।
सरकार का मानना है कि रिफंड की प्रक्रिया तेज होने से कारोबारियों की कार्यशील पूंजी की समस्या कम होगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
अर्थव्यवस्था को मिल सकता है लाभ
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पिछले साल जीएसटी व्यवस्था में किए गए बदलावों से अर्थव्यवस्था को लाभ मिला है। जीएसटी दरों में बदलाव के साथ कारोबार और राजस्व संग्रह पर भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। अब व्यवस्था को और सरल एवं स्थिर बनाने की दिशा में कदम उठाए जाने की तैयारी है।
नोट: जीएसटी दरों में साल में एक बार बदलाव और 17 दिन में रिफंड का प्रावधान अभी प्रस्तावित विषय हैं। अंतिम निर्णय जीएसटी परिषद की बैठक में लिया जाएगा।


