रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने संयुक्त भूमि खाते में दर्ज सह-खातेदार किसानों के लिए धान बिक्री की प्रक्रिया को आसान करने का फैसला लिया है। अब ऐसे किसानों को धान बेचने के लिए अलग से एग्रीस्टेक पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी।इस फैसले से उन किसानों को सीधा फायदा मिलेगा, जिनका नाम संयुक्त भूमि खाते में सह-खातेदार के रूप में दर्ज है। खासकर महिला सह-खातेदारों के लिए भी इससे धान बिक्री की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हो सकेगी।
सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य किसानों को पंजीयन से जुड़ी अनावश्यक प्रक्रिया और परेशानियों से राहत देना है। संयुक्त खाते में नाम दर्ज होने के कारण अलग-अलग पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होने से किसानों का समय भी बचेगा।
किसानों के लिए प्रक्रिया होगी सरल
समर्थन मूल्य पर धान बिक्री के दौरान पंजीयन प्रक्रिया को लेकर कई किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब संयुक्त भूमि खाते में दर्ज सह-खातेदार किसानों को अलग से एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं कराना पड़ेगा। इससे धान बेचने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और सरल होने की उम्मीद है।
सरकार के इस फैसले से संयुक्त भूमि खाते में दर्ज सह-खातेदार किसान, विशेषकर महिला किसानों को धान बिक्री के दौरान बड़ी राहत मिलने की संभावना है।


