Income Tax से Personal Finance तक, कक्षा 9 के छात्रों के लिए बदला NCERT का पाठ्यक्रम

रायपुर। स्कूली शिक्षा में विद्यार्थियों को आर्थिक मामलों की बुनियादी समझ देने की दिशा में NCERT ने कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। नए पाठ्यक्रम के तहत छात्रों को व्यक्तिगत आयकर के साथ-साथ बजट, बचत, निवेश और वित्तीय जोखिम जैसे विषयों से परिचित कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र से ही पैसों के प्रबंधन और वित्तीय निर्णयों की बुनियादी समझ देना है।

NCERT की नई पुस्तक ‘Understanding Society India and Beyond – Part 2’ में Personal Finance से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। पुस्तक में विद्यार्थियों को आयकर की गणना, टैक्स स्लैब और कर भुगतान से जुड़ी मूल अवधारणाओं की जानकारी दी गई है।

पहली बार आयकर की गणना समझेंगे विद्यार्थी

नए पाठ्यक्रम में कक्षा 9 के विद्यार्थियों को टैक्स स्लैब के आधार पर व्यक्तिगत आयकर की गणना समझाने का प्रावधान किया गया है। पुस्तक में उदाहरण और चार्ट के माध्यम से आयकर व्यवस्था को समझाने का प्रयास किया गया है।

पाठ्यक्रम में कर भुगतान को नागरिक जिम्मेदारी से भी जोड़कर समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी टैक्स व्यवस्था की बुनियादी भूमिका को स्कूल स्तर पर ही जान सकें।

नई टैक्स व्यवस्था की भी जानकारी

पुस्तक में नई आयकर व्यवस्था से संबंधित बुनियादी जानकारी भी दी गई है। विद्यार्थियों को बताया जाएगा कि नई कर व्यवस्था को डिफॉल्ट टैक्स व्यवस्था के रूप में लागू किया गया है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुरानी व्यवस्था का विकल्प चुना जा सकता है।

Personal Finance के इन पहलुओं पर रहेगा जोर

NCERT की पुस्तक में व्यक्तिगत वित्त से जुड़े कई विषयों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से:

  • आय और आमदनी का प्रबंधन
  • बजट बनाना और खर्चों की योजना
  • बचत का महत्व
  • निवेश की बुनियादी जानकारी
  • वित्तीय सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन

इन विषयों के जरिए छात्रों को दैनिक जीवन में पैसों से जुड़े फैसलों को समझने का अवसर मिलेगा।

FD, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड की भी जानकारी

पाठ्यक्रम में निवेश के अलग-अलग विकल्पों का परिचय भी दिया गया है। विद्यार्थियों को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), बॉन्ड, स्टॉक और म्यूचुअल फंड जैसे निवेश साधनों की शुरुआती जानकारी दी जाएगी।

पुस्तक में यह समझाने पर भी जोर दिया गया है कि वर्तमान समय में लिए गए वित्तीय फैसलों का प्रभाव भविष्य की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है।

वित्तीय समझ विकसित करने की कोशिश

NCERT के नए पाठ्यक्रम में टैक्स और Personal Finance को शामिल किए जाने से विद्यार्थियों को आय, खर्च, बचत, निवेश और वित्तीय जोखिम जैसे विषयों की शुरुआती जानकारी मिलेगी। इससे उन्हें भविष्य में व्यक्तिगत वित्त से जुड़े निर्णयों को समझने के लिए बुनियादी ज्ञान हासिल करने का अवसर मिलेगा।

nikettamrakar
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