रायपुर, 7 सितंबर 2026। सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (NAMASTE) योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देश में संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ के साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी भी संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहे हैं।
इस उपलब्धि पर उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नगरीय निकायों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और योजना के क्रियान्वयन से जुड़े मैदानी अमले को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। जोखिमपूर्ण स्वच्छता कार्यों को समाप्त करने के लिए मशीनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन से लेकर सुरक्षा उपकरण तक
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में अब तक 1487 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का सर्वेक्षण किया गया है, जिनमें से 1465 कर्मियों का सत्यापन पूरा हो चुका है। राज्य के 169 नगरीय निकायों में 1428 कर्मियों को PPE किट वितरित की गई हैं, जबकि 1374 कर्मियों को आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराया गया है।
इसके अलावा 139 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं, 923 स्वच्छता कर्मियों को कार्यशालाओं के माध्यम से सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
‘नमस्ते दिवस’ में 15 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी
राज्य के सभी नगरीय निकायों में 14 जुलाई को ‘नमस्ते दिवस’ का आयोजन किया गया था। इसमें 15 हजार से अधिक स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान स्वच्छता कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, सम्मान तथा PPE किट और आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया गया।
वेस्ट पिकर्स के लिए भी किए जा रहे प्रयास
NAMASTE योजना के तहत कचरा बीनने वाले यानी वेस्ट पिकर्स को भी योजना से जोड़ा गया है। राज्य में अब तक 8527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की गई है, जिसमें से 6799 का सत्यापन पूरा हो चुका है।
इनमें से 991 वेस्ट पिकर्स को PPE किट और 512 को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं, 6287 अन्य वेस्ट पिकर्स को प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है।
47 ERSU और 14420 हेल्पलाइन से मिलेगी त्वरित मदद
स्वच्छता कर्मियों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य में 47 ईआरएसयू (Emergency Response Sanitation Units) स्थापित किए गए हैं। इनमें 14 नगर निगम, 24 जिला मुख्यालय और 9 द्वितीय सर्वाधिक जनसंख्या वाले नगरीय निकाय शामिल हैं।
इनमें से 39 ERSU को सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। ERSU और 14420 हेल्पलाइन के जरिए आपातकालीन स्वच्छता सेवाओं के लिए त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया व्यवस्था विकसित की जा रही है।
100 अंकों के पैमाने पर हुआ राज्यों का मूल्यांकन
NAMASTE योजना के तहत राज्यों के प्रदर्शन का मूल्यांकन 100 अंकों के निर्धारित पैमाने पर किया गया। इसमें स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन के लिए 20 अंक, SUY के माध्यम से मशीनीकरण के लिए 10 अंक, ERSU एवं 14420 हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 अंक, सामाजिक सुरक्षा कवरेज के लिए 20 अंक और स्वच्छता मृत्यु से जुड़े मामलों में प्रवर्तन, मुआवजा एवं जवाबदेही के लिए 30 अंक निर्धारित किए गए थे।
स्वच्छता मृत्यु के मामलों में नकारात्मक अंक का भी प्रावधान रखा गया। इन निर्धारित मानकों के आधार पर छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से प्रथम रैंक हासिल की है।
2023 से संचालित है NAMASTE योजना
सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को सुरक्षित और गरिमापूर्ण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने के

