देशभर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। मथुरा से मुंबई और जयपुर से गुरुवायूर तक प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, आरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों के चलते वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मुंबई में जन्माष्टमी के साथ दही-हांडी की तैयारियां तेज
मुंबई में शुक्रवार को जन्माष्टमी का उत्साह देखने को मिला, वहीं शनिवार को होने वाले दही-हांडी उत्सव को लेकर तैयारियां भी जोर पकड़ने लगीं। शहर में ‘गोविंदा’ की कई टोलियां ऊंचाई पर लटकाए गए दही और दूध से भरे मटकों को फोड़ने के लिए तैयार हैं।
इस्कॉन मंदिर में मंगला आरती से हुई शुरुआत
मुंबई के गिरगांव चौपाटी स्थित इस्कॉन मंदिर में शुक्रवार सुबह भव्य मंगला आरती के साथ जन्माष्टमी के धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। आध्यात्मिक गुरु केशव चंद्र दास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने भगवद्गीता के माध्यम से मानवता को धर्म और कर्तव्य का संदेश दिया।
मथुरा में समुद्र मंथन थीम पर सजा जन्मस्थान
उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान को इस बार ‘समुद्र मंथन’ थीम पर आकर्षक ढंग से सजाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। जन्माष्टमी के चलते मथुरा में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए।
जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में उमड़ी भीड़
जयपुर के ऐतिहासिक गोविंददेवजी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए श्रद्धालु देर रात से ही पहुंचने लगे थे। शुक्रवार सुबह चार बजे मंगला आरती के साथ दर्शन शुरू हुए। मंदिर प्रशासन के अनुसार मुख्य जन्मोत्सव मध्यरात्रि में मनाया गया।
चेन्नई और केरल में भी विशेष आयोजन
चेन्नई के इस्कॉन मंदिर में दो दिवसीय जन्माष्टमी उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। वहीं केरल के गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर सहित प्रमुख कृष्ण मंदिरों में अष्टमी रोहिणी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। अरनमुला पार्थसारथी मंदिर में विशेष प्रसाद भोज की भी तैयारी की गई, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना रही।
पंजाब-हरियाणा के नेताओं ने दी शुभकामनाएं
जन्माष्टमी के अवसर पर पंजाब और हरियाणा के राज्यपालों तथा मुख्यमंत्रियों ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को धर्म, सदाचार, निष्काम कर्म, प्रेम और एकता का संदेश बताते हुए लोगों से इन मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
देशभर में गूंजा ‘जय श्रीकृष्ण’ का जयघोष
जन्माष्टमी के मौके पर मंदिरों में उमड़ी भीड़ और धार्मिक आयोजनों ने पूरे देश को कृष्ण भक्ति के रंग में रंग दिया। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।

