शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शिक्षा व्यवस्था सुधार में दिखाया एक्शन मूड …शिक्षकों पर बिफरे, बोले- “सिर्फ वेतन लेने आते हैं”

रायपुर। शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में स्कूलों की बदहाल स्थिति, बच्चों की अनुपस्थिति और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव अधिकारियों पर जमकर नाराज हुए। बैठक में विभिन्न जिलों के DEO, जिला मिशन समन्वयक और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मौजूद थे।

मंत्री ने कहा कि शिक्षक और प्राचार्य स्कूलों को अपना नहीं मानते और केवल वेतन लेने आते हैं। उन्होंने स्कूलों की जर्जर स्थिति, शौचालयों की समस्या और बच्चों की अनुपस्थिति पर अधिकारियों से जवाब मांगा तथा शिक्षा व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने प्राचार्यों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई जगह स्कूल के बड़े कमरों का इस्तेमाल निजी केबिन के रूप में किया जा रहा है, जबकि स्कूल की अन्य व्यवस्थाएं बदहाल हैं। उन्होंने गनियारी और तरीघाट के सरकारी स्कूलों का उदाहरण भी दिया।

शिक्षकों पर आंदोलन कराने का भी आरोप

बैठक के दौरान मंत्री ने आरोप लगाया कि स्कूलों में होने वाले कई आंदोलन शिक्षकों द्वारा प्रायोजित किए जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों और प्राचार्यों को कागजी कार्यवाही से आगे बढ़कर नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने और बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की हिदायत दी।

शिक्षकों की कमी पर वैकल्पिक पढ़ाई की व्यवस्था

मंत्री ने कहा कि जब तक नए शिक्षकों की भर्ती नहीं हो जाती, तब तक YouTube और PM e-Vidya के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था की जाए, ताकि शिक्षक की कमी के कारण कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे। इसके अलावा हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में छात्राओं के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग और स्कूल बैंड दल बनाने के निर्देश भी दिए गए।शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शिक्षा व्यवस्था सुधार में दिखाया एक्शन मूड …शिक्षकों पर बिफरे, बोले- “सिर्फ वेतन लेने आते हैं”

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