काठमांडू: नेपाल-चीन सीमा से लगे रसुवा जिले में बुधवार को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी। अचानक आई बाढ़ के कारण सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि तिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत सीमावर्ती इलाकों में कई वाहन और सामान पानी में बह गए। इस आपदा के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले करीब 390 तीर्थयात्रियों का संपर्क प्रभावित हुआ है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।
काठमांडू स्थित टच कैलाश ट्रेवल्स एंड टूर्स के प्रबंध निदेशक बासु कुमार अधिकारी के अनुसार, बुधवार को कुल 390 श्रद्धालुओं को चीन की सीमा पार करनी थी। इनमें 93 नेपाली नागरिक भी शामिल थे। दोपहर तक कुछ यात्रियों से संपर्क हो पाया था, लेकिन बड़ी संख्या में यात्रियों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी थी।
कई ट्रैवल एजेंसियों के यात्री फंसे
प्रभावित यात्रियों में अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों के ग्राहक शामिल हैं। इनमें सम्राट टूर्स एंड ट्रेवल्स के 71, ट्रेकर्स सोसाइटी के 92, हिमालयन ग्लेशियर के 62, लीफ हॉलीडेज के 55, कैलाश जर्नी के 31, फिशटेल टूर एंड ट्रेवल्स के 27 और काठमांडू हॉलीडेज के 17 यात्री बताए गए हैं। इसके अलावा अल्पाइन इको ट्रेक, रिचा टूर्स और एक्सप्लोर वेकेशन के यात्री भी प्रभावित क्षेत्र में मौजूद हैं।
ट्रेकिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ नेपाल के अध्यक्ष सागर पांडे ने बताया कि यात्रियों से संपर्क स्थापित करने और उनकी वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
रसुवा में बाढ़ से भारी नुकसान
नेपाल सेना के मुताबिक, पानी का स्तर अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। कई वाहन और सामान पानी में बह गए हैं। सीमा शुल्क परिसर में रखे वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। हाल ही में बनाया गया एक पुल भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गया।
अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से ज्यादा था। फिलहाल नुकसान और संभावित हताहतों का पूरा आकलन नहीं हो सका है, क्योंकि राहत और आकलन टीमें प्रभावित इलाकों से जानकारी जुटा रही हैं।
नेपाल सेना ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। नेपाल सेना ने त्रिशूली नदी के आसपास खोज और बचाव अभियान के लिए दो हेलीकॉप्टर भेजे हैं।
सेना के अनुसार, आपातकालीन चिकित्सा बचाव दल से लैस एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर को त्रिशूली स्थित जिला अस्पताल की ओर रवाना किया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को भी अत्यधिक सतर्क रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की गई है।
| देश/राष्ट्रीयता | लापता यात्रियों की संख्या |
|---|---|
| भारत | 105 |
| नेपाल | 93 |
| मलेशिया | 17 |
| ब्रिटेन | 12 |
| दक्षिण अफ्रीका | 4 |
| अमेरिका | 3 |
| ऑस्ट्रेलिया | 1 |
| नीदरलैंड | 1 |
| एनआरआई | 37 |
| राष्ट्रीयता की पुष्टि बाकी | 111 |
| कुल | 384 |
384 पर्यटकों के लापता होने की सूचना
नेपाल पर्यटन बोर्ड की 26 अगस्त 2026 की प्रारंभिक सूची के अनुसार, भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद कुल 384 पर्यटकों और यात्रियों के लापता होने की सूचना है। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। हालांकि, इन आंकड़ों में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों को शामिल नहीं किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क और सड़क मार्ग बाधित होने के कारण स्थिति की पूरी तस्वीर सामने आने में समय लग सकता है।
चीन में भी बाढ़ के बाद रेस्क्यू अभियान तेज
नेपाल के साथ चीन में भी बाढ़ से हालात बिगड़े हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लापता लोगों की तलाश और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए व्यापक बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता देने, निगरानी और चेतावनी व्यवस्था मजबूत करने तथा आगे होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने पर भी जोर दिया है।
वहीं, चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने प्रभावित और लापता लोगों की संख्या का जल्द पता लगाने तथा राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों से संपर्क स्थापित कर उनकी सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना है।

