ड्रोन-बम की बारिश के बीच भारतीय नौसेना का बड़ा ऑपरेशन, दो भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकाला

मुंबई: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नौसेना ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से दो मर्चेंट जहाजों को सुरक्षित पार कराया है। नौसेना की मिशन पर तैनात यूनिट ने एमवी यूनियन मरीनर और एमवी दाघेर के ट्रांजिट की निगरानी की और दोनों जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया।

भारतीय नौसेना ने कहा कि भारत आने-जाने वाले जरूरी कार्गो की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उसकी तैनाती लगातार जारी है। बाब-अल-मंदेब क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के बीच नौसेना की मौजूदगी भारतीय समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

क्यों अहम है बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट?

बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट लाल सागर को अदन की खाड़ी और आगे हिंद महासागर से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यह दुनिया के प्रमुख शिपिंग कॉरिडोर में शामिल है, जहां बड़ी मात्रा में व्यापारिक सामान और ऊर्जा संसाधनों की आवाजाही होती है।

इस समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह का सुरक्षा संकट अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में भारतीय नौसेना की सक्रिय निगरानी भारत के व्यापारिक हितों के लिहाज से काफी अहम है।

समुद्री हितों की सुरक्षा पर नौसेना का जोर

भारतीय नौसेना ने स्पष्ट किया है कि उसकी तैनाती का मुख्य उद्देश्य भारत के समुद्री हितों की रक्षा और भारतीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। अदन की खाड़ी में तैनात भारतीय युद्धपोत एंटी-पायरेसी ऑपरेशन के तहत भी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

नौसेना की मौजूदगी से समुद्री डकैती और अन्य सुरक्षा खतरों के बीच भारतीय मर्चेंट जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

खाड़ी क्षेत्र में भी भारतीय युद्धपोत तैनात

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट में बने संकट को देखते हुए भारतीय नौसेना के युद्धपोत मिडिल ईस्ट क्षेत्र में मिशन पर तैनात हैं।

वहीं, कुछ भारतीय युद्धपोत ऑपरेशन संकल्प के तहत ओमान की खाड़ी में भी मौजूद हैं। दूसरी ओर, अदन की खाड़ी में तैनात युद्धपोत समुद्री डकैती के खतरे से निपटने के साथ भारतीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में भी मदद कर रहे हैं।

जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों की भी मदद

रक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर क्षेत्र में तैनात भारतीय युद्धपोतों का इस्तेमाल वहां फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भी किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बाब-अल-मंदेब में भारतीय नौसेना की सक्रिय मौजूदगी भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य देश के व्यापारिक हितों, जरूरी कार्गो और समुद्री सप्लाई चेन को सुरक्षित रखना है।

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