धमधा। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम के यौम-ए-विलादत (जन्मदिवस) ‘ईद मिलादुन्नबी’ का पर्व मुस्लिम जमात धमधा द्वारा पूरी अकीदत, एहतराम और उत्साह के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:30 बजे परचम कुशाई (ध्वजारोहण) की रस्म के साथ हुई, जिसमें जमात के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मुल्क में अमन-चैन तथा भाईचारे की दुआएं मांगी। इसके पश्चात सुबह 10:00 बजे एक विशाल जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया।
यह जुलूस धमधा के प्रमुख मार्गों और चौराहों से होता हुआ पूरे नगर का भ्रमण किया। जुलूस में शामिल लोग नात-ए-पाक पढ़ते हुए और हजरत मोहम्मद साहब के पैगाम को दोहराते हुए चल रहे थे। पूरे भ्रमण के दौरान नगरवासियों ने जुलूस का आत्मीय स्वागत किया, जिससे कौमी एकता और आपसी सौहार्द की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली।


आयोजन की अगली कड़ी में शाम को एक रूहानी ‘मिलाद’ का प्रोग्राम आयोजित किया गया है, जिसमें उलेमा-ए-कराम द्वारा पैगंबर साहब की मुबारक जिंदगी, उनके आदर्शों, दयालुता और इंसानियत के पैगाम पर रोशनी डाली जाएगी। मिलाद के समापन के बाद सभी अकीदतमंदों के लिए आम लंगर का भी विशेष इंतजाम किया गया है।
मुस्लिम जमात धमधा के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस त्यौहार का मुख्य उद्देश्य हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम की सीखों, शांति और इंसानियत की खास बातों को समाज में सभी के बीच पहुंचाना है। इस प्रकार धमधा में ईद मिलादुन्नबी का यह पाक मौका बेहद सादगी, अनुशासन और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो रहा है।

