रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आज शुक्रवार का दिन खास रहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास (सिविल लाइन) से महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त की राशि पात्र महिलाओं के बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की। रिमोट का बटन दबाकर मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर की 66 लाख 54 हजार से अधिक माताओं और बहनों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से राशि जारी की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी मौजूद रहीं।
महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं का सम्मान, आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और परिवार में निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत अब तक 29 किस्तों में कुल 18,805.83 करोड़ रुपये की राशि पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पहुंचाई जा चुकी है। 30वीं किस्त के जारी होने से लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलेगी।
विकसित छत्तीसगढ़ में महिलाओं की अहम भूमिका
सीएम साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराना है।
महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाओं को परिवार की दैनिक जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और छोटे स्वरोजगार से जुड़े कार्यों में मदद मिल रही है।
1 मार्च 2024 से लागू हुई थी योजना
बता दें कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद 1 मार्च 2024 से महतारी वंदन योजना लागू की गई थी। योजना के तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता DBT के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।
सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। योजना की 30वीं किस्त जारी होने के साथ ही प्रदेश की लाखों महिलाओं को एक बार फिर आर्थिक सहायता मिली है।

