नई दिल्ली/लाहौर। पाकिस्तान के लाहौर शहर में एक दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हरबंसपुरा इलाके में बुधवार देर रात एक तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई।
लाहौर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के प्रवक्ता हैरिस अली ने बताया कि राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि एक छोटी बच्ची अभी भी मलबे में फंसी हो सकती है, जिसकी तलाश जारी है।
प्रशासन के अनुसार, इस इमारत में तीन भाई अपने-अपने परिवारों के साथ रहते थे। बुधवार रात उनकी बहन और उसके बच्चे जन्मदिन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक इमारत ढह गई और कई लोग मलबे के नीचे दब गए।
फिलहाल हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। लाहौर के डिप्टी कमिश्नर रिटायर्ड कैप्टन मुहम्मद अली एजाज ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले 30 जून को लाहौर के काहना इलाके में एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत हो गई थी। उस हादसे में कई अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पाकिस्तान के मानवाधिकार परिषद (एचआरसी) ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाए थे।
मानवाधिकार परिषद ने एक बार फिर सरकार और संबंधित एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। परिषद का कहना है कि भवन निर्माण की गुणवत्ता की अनदेखी और सुरक्षा मानकों में लापरवाही के कारण लगातार ऐसे हादसे हो रहे हैं, जिनमें निर्दोष लोगों की जान जा रही है।
एचआरसी ने प्रशासन से घायलों को बेहतर इलाज और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील करते हुए भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।

