रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोगों को नजदीक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को बड़ी सौगात मिली है। राज्य के 100 नगरीय निकायों में संचालित 364 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के लिए 67 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। यह राशि 15वें वित्त आयोग के तहत उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रदेश में वर्तमान में कुल 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। इन केंद्रों के जरिए लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धांत, सामान्य बीमारियों के घरेलू उपचार और औषधियों से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है।
आयुष पद्धति से मिल रहीं स्वास्थ्य सेवाएं
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आयुष पद्धति के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनका मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) मरीजों की जांच, उपचार और नियमित देखभाल कर रहे हैं।
योगाभ्यास से स्वस्थ जीवनशैली पर जोर
स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए इन केंद्रों में दैनिक योगाभ्यास और प्रशिक्षण की सुविधा भी शुरू की गई है। योग प्रशिक्षकों के माध्यम से लोगों को नियमित योग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
हर साल 1.38 करोड़ OPD का रिकॉर्ड
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की बढ़ती उपयोगिता का अंदाजा यहां पहुंचने वाले मरीजों की संख्या से लगाया जा सकता है। प्रदेश के इन केंद्रों में हर साल करीब 1.38 करोड़ OPD दर्ज की जा रही हैं। वहीं हर महीने लगभग 3 लाख गैर-संचारी रोग (NCD) मरीजों का उपचार और प्रबंधन किया जा रहा है।
बड़ी संख्या में लोगों का इन केंद्रों तक पहुंचना प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है।
12 प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में गर्भावस्था और प्रसव पूर्व देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन और गर्भनिरोधक सेवाएं, प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इसके अलावा संचारी रोगों का प्रबंधन, सामान्य बीमारियों के लिए OPD, गैर-संचारी रोगों की जांच और उपचार, सामान्य नेत्र एवं ENT समस्याओं की देखभाल, बुनियादी मौखिक स्वास्थ्य सेवाएं, वृद्धजन एवं उपशामक स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस
इन केंद्रों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों की जांच और बुनियादी प्रबंधन की सुविधा भी शामिल है। इससे लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए शुरुआती स्तर पर आवश्यक सहायता मिलने की उम्मीद है।
364 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के लिए 67 करोड़ रुपये की मंजूरी से स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधाओं और सेवाओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसका सीधा लाभ नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सुलभ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में मिलने की उम्मीद है।

