रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के कनेक्शन को आधार से जोड़कर उनकी पहचान सत्यापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी कराने की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत उपभोक्ता घर बैठे ‘मोर बिजली ऐप’ के जरिए फेस रीडिंग और OTP की मदद से अपनी KYC पूरी कर सकेंगे।
इसके अलावा 7 सितंबर से जोन कार्यालयों में थंब इंप्रेशन के माध्यम से भी ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध होगी। बिजली विभाग चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं की KYC पूरी करने की तैयारी में है।
मोर बिजली ऐप से घर बैठे KYC
उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी के लिए ‘मोर बिजली ऐप’ का विकल्प दिया गया है। ऐप के माध्यम से फेस रीडिंग और OTP के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इससे उपभोक्ताओं को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी और घर बैठे पहचान सत्यापन की सुविधा मिल सकेगी।
जोन कार्यालय में थंब इंप्रेशन की सुविधा
जो उपभोक्ता मोबाइल ऐप के जरिए KYC नहीं कर पाएंगे, उनके लिए जोन कार्यालयों में व्यवस्था की जाएगी। 7 सितंबर से थंब इंप्रेशन के माध्यम से भी ई-केवाईसी कराई जाएगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार बिजली विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर भी उपभोक्ताओं की KYC पूरी करेंगे।
आधार से लिंक होगा बिजली कनेक्शन
ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान बिजली कनेक्शन को उपभोक्ता के आधार से लिंक कर पहचान का सत्यापन किया जाएगा। इससे बिजली कनेक्शन से जुड़ी जानकारी को अधिक व्यवस्थित और प्रमाणित करने में मदद मिलेगी।
अवैध कनेक्शनों पर भी कसेगा शिकंजा
बिजली कनेक्शनों की ई-केवाईसी पूरी होने के बाद विभाग को उपभोक्ताओं और कनेक्शनों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। इसके जरिए संदिग्ध और अवैध बिजली कनेक्शनों की पहचान करने में भी आसानी हो सकती है। विभाग का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से सभी उपभोक्ताओं की KYC पूरी करना है।

