बेमेतरा। साइबर अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों को डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बेमेतरा पुलिस ने तीसरे सप्ताह में विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीणों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी के तरीकों से बचाव के प्रति जागरूक किया।
पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव, एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का और एसडीओपी बेरला रूचि वर्मा के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
30 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक चल रहे अभियान के तीसरे सप्ताह में सिटी कोतवाली बेमेतरा, नांदघाट, नवागढ़, चंदनू, खम्हरिया सहित संबलपुर, कंडरका, मारो और देवकर चौकी क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने बस स्टैंड, बाजार, बैंक और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सावधान
जागरूकता कार्यक्रमों में पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अक्सर खुद को पुलिस, CBI, ED या अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन अथवा वीडियो कॉल करते हैं। ठग गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स पार्सल या किसी आपराधिक मामले में नाम आने का डर दिखाकर लोगों को मानसिक दबाव में लेते हैं और इसके बाद “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर पैसे की मांग करते हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि पुलिस या कोई जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार या पूछताछ नहीं करती। ऐसे किसी भी फोन या वीडियो कॉल पर घबराने के बजाय सतर्क रहें और बिना सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें।
OTP और बैंकिंग जानकारी साझा न करने की अपील
पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों एवं ग्रामीणों को समझाइश दी कि वे OTP, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, बैंक खाता विवरण, UPI PIN, पासवर्ड और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन शेयर करने या किसी खाते में राशि ट्रांसफर करने से भी बचने की सलाह दी गई।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने लोगों से अपील की कि यदि वे साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं तो घबराएं नहीं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को रोकने और आवश्यक कार्रवाई करने की संभावना बढ़ जाती है।
बेमेतरा पुलिस ने नागरिकों से कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को पुलिस अथवा किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डराता-धमकाता है अथवा पैसों की मांग करता है, तो उसकी बातों में न आएं और तत्काल पुलिस को सूचना दें।
पुलिस ने अभियान के माध्यम से नागरिकों से “मैं जागरूक हूं, आप भी जागरूक बनें” का संदेश देते हुए अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाने की अपील की है।
इस दौरान जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों के पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, वरिष्ठ नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

