धमधा में 16 मवेशियों से भरी माजदा पकड़ी

  • गौ रक्षकों की घेराबंदी के बाद पुलिस ने वाहन किया जब्त, दो लोग हिरासत में, एक के फरार होने की जानकारी; चालक के बदलते बयानों से जांच को मिली नई दिशा

धमधा। धमधा के मुख्य मार्ग पर मवेशियों से भरी उत्तरप्रदेश पासिंग माजदा क्रमांक UP83E T3857 पकड़े जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वाहन में करीब 16 मवेशी, जिनमें भैंसें शामिल हैं, पाए गए। गौ रक्षकों को सूचना मिलने के बाद घेराबंदी कर वाहन को पकड़ा गया और बाद में पुलिस के हवाले किया गया।

पुलिस ने वाहन को जब्त कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि एक व्यक्ति के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब मवेशियों के स्रोत, गंतव्य, परिवहन के दस्तावेज और इस पूरे मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

मुखबिरी के बाद गौ रक्षकों ने की घेराबंदी

गौ रक्षक वीर ताम्रकार के अनुसार, गौ रक्षकों को वाहन के संबंध में मुखबिरी के माध्यम से सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने घेराबंदी कर वाहन को चौक में रोक लिया। वाहन की जांच करने पर बड़ी संख्या में मवेशी पाए गए।

वीर ताम्रकार ने बताया कि मवेशियों को वाहन से बाहर निकालकर सुरक्षित किया गया है और फिलहाल उन्हें गौ रक्षकों के स्वयं के गौ ट्रीटमेंट सेंटर में रखा गया है।

“चेकिंग पोस्ट और थाने होने के बावजूद कैसे गुजर रहा वाहन?”

मामले को लेकर गौ रक्षक केशव सोनकर ने क्षेत्र की पुलिस चेकिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पुलिस विभाग के कई चेकिंग पोस्ट, थाने और चौकियां मौजूद हैं, इसके बावजूद बड़ी संख्या में मवेशियों से भरा वाहन मुख्य मार्ग से गुजर रहा था।

केशव सोनकर के अनुसार, गौ रक्षक अपनी जान जोखिम में डालकर मवेशियों को बचाने के लिए ऐसे वाहनों को रोकते हैं। उनका आरोप है कि कई मामलों में पहले गौ रक्षकों द्वारा वाहन पकड़ा जाता है और उसके बाद पुलिस कार्रवाई होती है।

हालांकि, इस मामले में पुलिस द्वारा वाहन जब्त कर कार्रवाई की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।

चालक के बदलते बयानों ने बढ़ाई पुलिस की जांच

पूछताछ के दौरान चालक द्वारा अलग-अलग समय पर अलग-अलग जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है। यही वजह है कि पुलिस अब चालक के बयानों की पुष्टि करने में जुटी है।

धमधा थाना प्रभारी महेश कुमार ध्रुव ने बताया कि पूछताछ में चालक के बयानों में अंतर सामने आ रहा है। चालक द्वारा एक समय में कुछ और तथा दूसरे समय में अलग जानकारी दिए जाने के कारण पुलिस सभी तथ्यों को जांच के दायरे में रखकर आगे बढ़ रही है।

थाना प्रभारी के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चालक ने जिस स्थान से मवेशियों को लोड किए जाने की जानकारी दी है और जिस स्थान पर उन्हें ले जाने की बात कही जा रही है, उन दोनों स्थानों की तस्दीक की जाएगी।

उन्होंने बताया कि चालक द्वारा बताए गए स्थानों की वास्तविकता सामने आने के बाद मामले की जांच को एक महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है। मवेशियों को वास्तव में कहां से लोड किया गया और उन्हें किस स्थान तक ले जाया जा रहा था, यह इस पूरे प्रकरण की अहम कड़ी साबित हो सकती है।

ओडिशा से क्रॉकरी, रायपुर से भैंस लोड करने की बात

पूछताछ में चालक द्वारा पुलिस को बताया गया कि वाहन में पहले ओडिशा से क्रॉकरी अनलोड की गई थी और इसके बाद रायपुर से भैंसों को लोड किया गया।

हालांकि चालक के बयानों में अंतर होने की बात सामने आने के बाद पुलिस इन जानकारियों की पुष्टि करने में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रायपुर में मवेशियों को किस स्थान से लोड किया गया, किसके माध्यम से लोड किया गया और उनका वास्तविक गंतव्य क्या था।

चालक द्वारा बताए गए स्थानों की जांच और वहां से मिलने वाली जानकारी के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होने की संभावना है।

पशु परिवहन के दस्तावेजों की भी होगी जांच

पुलिस अब केवल वाहन और चालक तक सीमित न रहकर मवेशियों के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। मवेशियों को ले जाने की अनुमति, परिवहन संबंधी कागजात, वाहन की क्षमता और पशुओं के साथ परिवहन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं—इन सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है।

मामले में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी है।

वाहन मालिक, चालक और कंडक्टर से पूछताछ

पुलिस वाहन मालिक, चालक और कंडक्टर सहित मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मवेशियों की खरीद, लोडिंग और परिवहन में कौन-कौन लोग शामिल थे तथा वाहन को किस उद्देश्य से इस मार्ग से ले जाया जा रहा था।

थाना प्रभारी महेश कुमार ध्रुव के नेतृत्व में जांच

पूरे मामले की जांच धमधा थाना प्रभारी महेश कुमार ध्रुव के नेतृत्व में की जा रही है। पुलिस वाहन को जब्त कर उसके दस्तावेजों की जांच कर रही है और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है।

चालक द्वारा बताए गए स्थानों की तस्दीक के बाद पुलिस को मामले में आगे की महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। वहीं फरार बताए जा रहे व्यक्ति की तलाश भी पुलिस के लिए एक अहम बिंदु है।

चेकिंग व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

घटना के बाद क्षेत्र की चेकिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जब क्षेत्र में चेकिंग पोस्ट, थाने और चौकियां मौजूद हैं, तो बड़ी संख्या में मवेशियों को लेकर वाहन मुख्य मार्ग से गुजरने की जानकारी पुलिस तक पहले क्यों नहीं पहुंची?

दूसरी ओर, पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मवेशियों का परिवहन वैध था या निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया गया था।

फिलहाल UP83E T3857 माजदा पुलिस के कब्जे में है और मामले की जांच जारी है। चालक के बदलते बयान, मवेशियों के लोडिंग स्थल और बताए गए गंतव्य की तस्दीक अब इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियां बन गई हैं।

अब जांच के केंद्र में तीन बड़े सवाल

मवेशियों को कहां से लोड किया गया?
उन्हें वास्तविक रूप से कहां ले जाया जा रहा था?
इस पूरे परिवहन के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हैं?

इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच और चालक के बताए स्थानों की तस्दीक के बाद ही सामने आएंगे।

nikettamrakar
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