मॉस्को/कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच रूसी रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन के सैन्य ठिकानों और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर हवाई हमले करने का दावा किया है। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूसी एयरोस्पेस बलों ने डोनेट्स्क, खार्किव और सूमी क्षेत्रों में यूक्रेनी सैन्य इकाइयों के अस्थायी तैनाती स्थलों और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाया।
रूसी समाचार एजेंसी ‘टास’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि टोही अभियान के दौरान यूक्रेनी सैनिकों के अस्थायी ठिकानों और एक मानव रहित हवाई वाहन (UAV) नियंत्रण केंद्र की पहचान की गई। इसके बाद रूसी विमानों ने इन ठिकानों पर हवाई हमले किए।
FAB-250 बम और LMUR मिसाइलों का इस्तेमाल
रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, हमलों में FAB-250 हवाई बमों और LMUR एयर-लॉन्च मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। मंत्रालय ने दावा किया कि FAB-250 बम यूनिवर्सल ग्लाइडिंग और करेक्शन मॉड्यूल से लैस थे।
रूस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक (DPR) के डोनेट्स्कोये बस्ती के पास यूक्रेन की 63वीं अलग ब्रिगेड के अस्थायी तैनाती स्थल को निशाना बनाया गया।
खार्किव में भी सैन्य ठिकाने पर हमला
रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि खार्किव क्षेत्र के बोल्दीरेवका इलाके के पास यूक्रेन की 104वीं अलग टेरिटोरियल डिफेंस ब्रिगेड के अस्थायी तैनाती स्थल पर भी हमला किया गया।
इसके अलावा, सूमी क्षेत्र के पोरोजोक बस्ती में स्थित 119वीं अलग टेरिटोरियल डिफेंस ब्रिगेड के ड्रोन नियंत्रण केंद्र को निशाना बनाने का भी दावा किया गया।
रूसी मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों का मुख्य उद्देश्य यूक्रेनी बलों के अस्थायी ठिकानों और ड्रोन संचालन से जुड़े सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना था।
जेलेंस्की ने रूस पर संघर्ष बढ़ाने का लगाया आरोप
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस की सैन्य गतिविधियों की आलोचना की है। जेलेंस्की ने कहा कि रूस की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाना, उत्तर कोरियाई हथियारों का इस्तेमाल और नई सैन्य लामबंदी की तैयारी इस बात का संकेत है कि मॉस्को शांति की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय संघर्ष को और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के खिलाफ तत्काल कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि रूस के युद्ध प्रयासों का समर्थन करने वाले उद्योगों और संस्थानों पर और अधिक प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन को वायु रक्षा प्रणाली के क्षेत्र में अतिरिक्त सहायता की जरूरत है। जेलेंस्की के मुताबिक, शांति के लिए परिस्थितियां बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन कदमों को उठाना जरूरी है।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में दोनों पक्ष समय-समय पर एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के दावे करते रहे हैं। हालांकि, युद्ध क्षेत्र से आने वाले ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल होता है।

