रायपुर | छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में राज्य को यह सम्मान प्रदान किया गया। GeM के एक दशक पूरे होने पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रही।
राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स–स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी में छत्तीसगढ़ को GeM के प्रभावी उपयोग और इसके माध्यम से शासकीय खरीदी के मूल्य एवं मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।
खुली प्रतिस्पर्धा से राज्य को ₹130 करोड़ की बचत
GeM प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को करीब ₹130 करोड़ की बचत हुई। यह बचत विभागों द्वारा खरीद के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद मिले वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है।
GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड सरकारी खरीद में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीद के जरिए राज्य शासन को कुल ₹235 करोड़ की बचत हुई है।
खरीद प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में जांच और निगरानी की व्यवस्था लागू है। साथ ही निविदा की शर्तों और तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे खरीद की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ बदलती जरूरतों के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा सके।
GeM के जरिए सरकारी खरीद में 113% की वृद्धि
छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से सरकारी खरीद वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।
राज्य सरकार द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीद को एक साझा एवं पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के प्रयासों से यह वृद्धि संभव हुई है। इससे अधिक सरकारी खरीद खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई और लेन-देन में प्रतिस्पर्धी दर निर्धारण के साथ पारदर्शिता सुनिश्चित हुई।
MSE से खरीद बढ़कर ₹1,800 करोड़
GeM के बढ़ते उपयोग से सरकारी खरीद में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में MSEs से खरीद 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।
राज्य के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। महिला उद्यमियों से खरीद में 97 प्रतिशत, जबकि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीद में 108 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, स्टार्टअप से खरीद में सबसे अधिक 178 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपलब्धि पर जताई खुशी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे सरकारी मांग और बाजार से जुड़ने का प्रभावी माध्यम उपलब्ध कराया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस हर उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि इसका लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी शासकीय खरीद के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।

