रायपुर। छत्तीसगढ़ में फार्मेसी शिक्षा को मजबूत और सुलभ बनाने की दिशा में इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन (IPA), छत्तीसगढ़ स्टेट ब्रांच ने तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब को दो महत्वपूर्ण जनहित मांगों को लेकर आवेदन सौंपा। एसोसिएशन ने प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय में स्वतंत्र शासकीय फार्मेसी महाविद्यालय स्थापित करने और निजी विश्वविद्यालयों में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
हर जिले में हो स्वतंत्र शासकीय फार्मेसी कॉलेज
IPA के अनुसार, छत्तीसगढ़ में वर्तमान में करीब 103 फार्मेसी महाविद्यालय और लगभग 11,580 सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन प्रदेश में अब तक एक भी स्वतंत्र शासकीय फार्मेसी महाविद्यालय नहीं है। ऐसे में फार्मेसी शिक्षा के लिए विद्यार्थियों की निर्भरता मुख्य रूप से निजी संस्थानों पर बनी हुई है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय में चरणबद्ध तरीके से Government College of Pharmacy की स्थापना की जाए। इन संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक प्रयोगशालाएं, अनुसंधान की सुविधाएं, छात्रावास और विद्यार्थियों के लिए बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
IPA का कहना है कि शासकीय फार्मेसी कॉलेजों की स्थापना से आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण फार्मेसी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
फीस निर्धारण में पारदर्शिता की मांग
एसोसिएशन ने निजी विश्वविद्यालयों में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस को लेकर भी अपनी मांग रखी है। IPA ने AFRC और PURC के अधिकार क्षेत्र से जुड़े भ्रम को दूर करने तथा छत्तीसगढ़ निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्था (प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क का निर्धारण) अधिनियम, 2008 के अनुरूप फीस निर्धारण सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि यदि किसी संस्थान द्वारा नियमों के विपरीत फीस निर्धारित की गई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
IPA ने कहा कि ये मांगें केवल किसी एक संगठन से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों, अभिभावकों और हजारों पंजीकृत फार्मासिस्टों के भविष्य से जुड़ी हुई हैं। एसोसिएशन ने सरकार से दोनों विषयों पर सकारात्मक और शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

