खैरझिटी में तीन मांगों को लेकर किसान बंधु संगठन का आंदोलन सफल, ₹16.84 लाख की लागत से बनेगा नया स्कूल भवन

धमधा। धमधा ब्लॉक के ग्राम पंचायत खैरझिटी में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला की बदहाल व्यवस्था को लेकर किसान बंधु संगठन धमधा के नेतृत्व में चलाया गया आंदोलन आखिरकार रंग लाया। स्कूल की व्यवस्था को लेकर संगठन और ग्रामीणों ने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं—जर्जर स्कूल भवन को डिस्मेंटल करना, नए स्कूल भवन की स्वीकृति और पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था। अब इन तीनों मांगों पर कार्रवाई होने के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।

खैरझिटी का जर्जर स्कूल भवन लंबे समय से बच्चों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। भवन की खराब स्थिति के चलते पिछले करीब तीन वर्षों से बच्चों की पढ़ाई पंचायत भवन में संचालित की जा रही थी। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती गई। 17 अगस्त को बच्चों ने स्कूल भवन के अभाव में पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई की, जिसके बाद मामला और गंभीरता से सामने आया।

बच्चों की इस स्थिति और ग्रामीणों की मांग को लेकर किसान बंधु संगठन धमधा ने आवाज बुलंद की। संगठन ने प्रशासन के समक्ष तीन सूत्रीय मांगें रखीं। मामले में प्रशासनिक स्तर पर चर्चा और लगातार दबाव के बाद देर रात नए स्कूल भवन निर्माण के लिए ₹16.84 लाख की स्वीकृति प्रदान कर दी गई। वहीं जर्जर भवन को डिस्मेंटल करने तथा पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था की मांग पर भी कार्रवाई होने से ग्रामीणों ने इसे आंदोलन की सफलता बताया।

खबर का बड़ा असर, देर रात मिली भवन की स्वीकृति
बच्चों के पेड़ के नीचे पढ़ाई करने की खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से नए स्कूल भवन के लिए ₹16.84 लाख की स्वीकृति जारी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांग को अब स्वीकृति मिलने से बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद जगी है।

बाबा टेक सिंह चंदेल ने जताया आभार, सरकार पर भी साधा निशाना
किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने स्कूल भवन की स्वीकृति पर जिला प्रशासन, दुर्ग कलेक्टर और मीडिया बंधुओं का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खैरझिटी के बच्चों की जायज मांग को प्रशासन ने गंभीरता से लिया, जिसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं।

हालांकि बाबा टेक सिंह चंदेल ने इस पूरे मामले को लेकर भाजपा सरकार की शिक्षा व्यवस्था और सुशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को तीन साल तक जर्जर भवन के कारण वैकल्पिक व्यवस्था में पढ़ना पड़ा और अंत में पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ी, वह शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को दिखाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों की जायज मांग के लिए ग्रामीणों को आंदोलन करना पड़े, यह सुशासन के दावों पर सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने कहा कि अब स्वीकृति मिल गई है, इसलिए प्रशासन को भवन निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू करनी चाहिए, ताकि बच्चों को वास्तव में इसका लाभ मिल सके।

सरपंच ने प्रशासन और बच्चों को दी बधाई
खैरझिटी सरपंच डालेश्वरी वर्मा ने स्कूल भवन की स्वीकृति पर जिला प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होने जा रहा है। उन्होंने खैरझिटी के सभी बच्चों को भी बधाई दी और उम्मीद जताई कि नए भवन का निर्माण जल्द शुरू होगा।

मांगें पूरी होने पर गांव में जश्न
तीनों मांगों पर कार्रवाई होने की खुशी में खैरझिटी गांव के लोगों ने एकजुट होकर जश्न मनाया। ग्रामीणों ने पटाखे फोड़े, एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाईं और समोसे बांटकर खुशी जाहिर की। इस दौरान ग्रामीणों ने किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।

ग्रामीणों ने कहा कि यह सिर्फ स्कूल भवन की स्वीकृति नहीं, बल्कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य और बेहतर शिक्षा के लिए गांव की एकजुटता की जीत है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अब प्रशासन स्वीकृत राशि के आधार पर भवन निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करेगा।

इस दौरान किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल, सरपंच श्रीमती डालेश्वरी वर्मा ,आत्मा साहू अध्यक्ष किसान बंधु संगठन धमधा,मोती राम वर्मा पूर्व सरपंच ,केवल वर्मा, अनिल वर्मा, डोमार वर्मा, अमेलाल वर्मा, नकुल उमरे, चिंता वर्मा, मेहतर वर्मा,लिलेश वर्मा, रंजीत वर्मा ,सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं किसान बंधु संगठन धमधा के सदस्य मौजूद रहे।

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