दुर्ग । दुर्ग जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में आबकारी अधिनियम के तहत जप्त मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त अवैध शराब का मंगलवार को थाना जामुल परिसर में विधिवत नष्टीकरण किया गया। न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 112 प्रकरणों में जप्त 5480.082 बल्क लीटर शराब, जिसकी वर्तमान अनुमानित बाजार कीमत करीब ₹45 लाख है, का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित तरीके से निस्तारण किया गया।
यह कार्रवाई कलेक्टर द्वारा गठित नष्टीकरण समिति की उपस्थिति में निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार संपन्न हुई। लंबे समय से थानों में रखी गई जप्त शराब से उठने वाली दुर्गंध के कारण थानों में आने वाले आम नागरिकों एवं पुलिस कर्मचारियों को परेशानी हो रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए शराब के नष्टीकरण का निर्णय लिया गया।



नष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया नगर पुलिस अधीक्षक छावनी, थाना प्रभारी जामुल, नायब तहसीलदार, आबकारी उपनिरीक्षक सहित पुलिस एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पूरी की गई।
दुर्ग पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य न्यायालयीन आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना, जप्त सामग्री का सुरक्षित निस्तारण करना तथा अवैध मदिरा के दोबारा उपयोग या दुरुपयोग की किसी भी संभावना को पूरी तरह समाप्त करना है।
मुख्य तथ्य
कुल प्रकरण: 112
जप्त शराब: 5480.082 बल्क लीटर
अनुमानित बाजार मूल्य: लगभग ₹45 लाख
स्थान: थाना जामुल परिसर
आधार: न्यायालयीन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद वैधानिक प्रावधानों के तहत नष्टीकरण
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, भंडारण या बिक्री जैसी गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को दें। समाज को नशामुक्त एवं सुरक्षित बनाने में आम नागरिकों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। अवैध मदिरा से जुड़े मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

