नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला गुरुवार, 23 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। इस मैच के साथ भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर अपनी कप्तानी में पहली जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे। अब तक उनकी अगुवाई में टीम इंडिया टी20 सीरीज जीतने में सफल नहीं रही है, ऐसे में यह दौरा टीम और कप्तान दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।
पहले टी20 मुकाबले से पूर्व आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर ने खिलाड़ियों को बेखौफ होकर खेलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टीम के किसी भी खिलाड़ी के मन में असफल होने का डर नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, यदि खिलाड़ी हार या नाकामी के डर से खेलेंगे तो वे अपना स्वाभाविक खेल नहीं दिखा पाएंगे और केवल खुद को बचाने की कोशिश करेंगे।
अय्यर ने कहा कि यदि खिलाड़ी मन से असफलता का डर निकाल दें, तो वे मैदान पर अपना शत-प्रतिशत प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम को सकारात्मक सोच के साथ निडर होकर खेलना चाहिए।
भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि ड्रेसिंग रूम के बाहर क्या चर्चा हो रही है या लोग क्या कह रहे हैं, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरी टीम एकजुट होकर खेले और सामूहिक प्रदर्शन से जीत हासिल करे।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम अब तक 7 टी20 मुकाबले खेल चुकी है, लेकिन जीत का खाता नहीं खुल पाया है। टीम को इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ भी लगभग 12 वर्षों बाद टी20 सीरीज गंवानी पड़ी। ऐसे में जिम्बाब्वे दौरे पर टीम इंडिया जीत के साथ नई शुरुआत करने के लक्ष्य से मैदान में उतरेगी।

