दुर्ग। आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि अब नजदीक है। ऐसे में कर विशेषज्ञों ने करदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और समय रहते अपना रिटर्न दाखिल कर दें। इससे तकनीकी दिक्कतों और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है।
कर विशेषज्ञ एवं सलाहकार अधिवक्ता विजय साहू ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर-1 से आईटीआर-4 तक के गैर-ऑडिट मामलों में आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। वहीं जिन करदाताओं के खातों का ऑडिट होना आवश्यक है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
उन्होंने कहा कि अंतिम दिनों में आयकर पोर्टल पर एक साथ अधिक लोग लॉगिन करते हैं, जिससे वेबसाइट धीमी पड़ सकती है या तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं। ऐसे में रिटर्न भरने में देरी होने की संभावना बढ़ जाती है।
अधिवक्ता विजय साहू ने करदाताओं को सलाह दी कि वे अपनी श्रेणी के अनुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही रिटर्न दाखिल करें। समय पर ITR भरने से विलंब शुल्क, संभावित जुर्माना और अन्य कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करना प्रत्येक करदाता की जिम्मेदारी है, इसलिए अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

