धमधा, दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा नगर में विजयादशमी का पर्व धार्मिक आस्था, पारंपरिक उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नगर में आयोजित 83वें दशहरा महोत्सव में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। आकर्षक विद्युत सजावट, रावण दहन स्थल में बदलाव और 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले ने आयोजन को खास बना दिया।
शाम होते ही दशहरा मैदान में लोगों की भीड़ जुटने लगी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में रावण दहन देखने को लेकर उत्साह दिखाई दिया। पूरे मैदान में की गई रोशनी और सजावट ने मेले की रौनक बढ़ा दी। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
राम-लक्ष्मण और हनुमान की शोभायात्रा ने मोहा मन
शाम 6 बजे तमेर पारा स्थित रामलीला चौक से प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। हैहैयवंशी रामलीला मंडली, तमेर पारा के नेतृत्व में निकली शोभायात्रा देवांगन पारा, हटरी और मुख्य बाजार से होते हुए दशहरा मैदान पहुंची।
मैदान में श्रीराम दल और रावण सेना के बीच युद्ध का सजीव मंचन किया गया। इसके बाद प्रभु श्रीराम द्वारा रावण वध का प्रसंग प्रस्तुत किया गया और 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। आतिशबाजी के बीच रावण का पुतला महज पांच मिनट में जलकर राख हो गया। इस दौरान पूरा मैदान ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा।
विधायक ईश्वर साहू और नगर पंचायत अध्यक्ष हुईं शामिल
83वें दशहरा महोत्सव में साजा विधायक ईश्वर साहू और नगर पंचायत धमधा की अध्यक्ष श्वेता प्रशांत अग्रवाल भी शामिल हुईं। आयोजन में उमड़ी भीड़ ने नगरवासियों की धार्मिक आस्था और दशहरा पर्व के प्रति उत्साह को दर्शाया।
परंपरा और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बना आयोजन
धमधा का 83वां दशहरा महोत्सव नगर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बना। इस बार रावण दहन स्थल में बदलाव, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और हजारों लोगों की भागीदारी आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे।


