प्रशासन की समझाइश के बाद भी नहीं माने किसान, बाबा टेक सिंह बोले—बातचीत का दौर खत्म, अब 24 सितंबर को सैकड़ों किसान मुख्यमंत्री से जनदर्शन में मिलकर सौंपेंगे आवेदन
धमधा। ऋण माफी सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसान बंधु संगठन के नेतृत्व में किसानों की क्रमिक भूख हड़ताल 17वें दिन भी जारी रही। लंबे समय से आंदोलन के बावजूद मांगों का ठोस समाधान नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि वे लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें प्रशासन के सामने रख रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया है।
SDM-तहसीलदार ने दी बैंक जाने की समझाइश
आंदोलन स्थल पर पहुंचे SDM एवं तहसीलदार धमधा ने किसानों से चर्चा करते हुए समझाइश दी कि एक-दो किसान करके बैंक जाएं और बैंक अधिकारियों से बातचीत करें। प्रशासन की ओर से कहा गया कि बैंक किसानों से बातचीत करने के लिए तैयार है।
वहीं, किसानों को मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के कार्यक्रम से पीछे हटने की समझाइश भी दी गई। इस पर किसान नेताओं ने असहमति जताते हुए कहा कि किसान लंबे समय से अपनी समस्या लेकर अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों और बैंक के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
बाबा टेक सिंह चंदेल बोले—अब बैंक के झांसे में नहीं आएंगे
किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने कहा कि पहले भी बैंक ने इसी तरह किसानों को बातचीत और आश्वासन के नाम पर गुमराह किया था। उन्होंने कहा कि आज उन्हीं प्रभावित किसानों की जमीनों की कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा, “अब हम इस बैंक के झांसे में आने वाले नहीं हैं। जितने भी प्रभावित किसान हैं, उन्हें जिला प्रशासन के माध्यम से एक साथ लाभान्वित किया जाए। किसानों को एक-दो करके बैंक भेजने से समस्या का समाधान नहीं होगा।”
बाबा टेक सिंह चंदेल ने कहा कि अब बातचीत का दौर खत्म हो चुका है। किसान 17 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। ऐसे में प्रशासन को ठोस निर्णय लेकर सभी प्रभावित किसानों की समस्या का एक साथ समाधान करना चाहिए।
24 सितंबर को सैकड़ों किसान मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात
किसान बंधु संगठन ने स्पष्ट किया है कि 24 सितंबर को सैकड़ों किसान शांतिपूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और अपनी मांगों का आवेदन जनदर्शन में सौंपेंगे।
किसानों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार के सामने रखेंगे। ज्ञापन के माध्यम से वर्ष 2018 की ऋण माफी से जुड़े मामलों की जांच, पात्र किसानों को लाभ दिलाने तथा प्रभावित किसानों की समस्याओं के निराकरण की मांग की जाएगी।
17 दिन से जारी है आंदोलन
किसानों का कहना है कि वे लगातार 17 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। किसानों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे और 24 सितंबर को बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे।
किसान बंधु संगठन का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य किसी से टकराव नहीं, बल्कि प्रभावित किसानों को उनका हक दिलाना है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि सभी प्रभावित किसानों को एक साथ बुलाकर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए और ऋण माफी से जुड़े रिकॉर्ड की पारदर्शी जांच कर पात्र किसानों को लाभ दिलाया जाए।
फिलहाल किसानों की क्रमिक भूख हड़ताल 17वें दिन भी जारी है और 24 सितंबर को सैकड़ों किसानों के शांतिपूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने का ऐलान कायम है।


