दुर्ग। छह वर्षीय बालिका से दुष्कर्म और हत्या के गंभीर मामले में दुर्ग की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी सोमेश यादव को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले को “विरलतम से विरलतम” श्रेणी का मानते हुए पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत यह फैसला सुनाया। निर्णय 10 सितंबर 2026 को पारित किया गया।
मामला थाना मोहन नगर के अपराध क्रमांक 133/2025 से संबंधित है। 6 अप्रैल 2025 को छह वर्षीय बालिका के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही मोहन नगर पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने बालिका को एक वाहन से बरामद किया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर भौतिक, जैविक, चिकित्सकीय और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया। घटनास्थल और अन्य स्थानों से मिले साक्ष्यों के साथ आरोपी के कपड़े, जैविक नमूने, CCTV फुटेज और DVR को सुरक्षित कर FSL एवं DNA जांच के लिए भेजा गया। वैज्ञानिक रिपोर्टों को चिकित्सकीय और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ जोड़कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विशेष दाण्डिक प्रकरण क्रमांक 44/2025 में अपर सत्र न्यायाधीश, चतुर्थ एफटीएससी, विशेष न्यायालय (पॉक्सो), दुर्ग ने आरोपी सोमेश यादव को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6(1) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मृत्युदंड और प्रत्येक धारा में 5-5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 238(क) के तहत पांच वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं एक साथ भुगताई जानी हैं।
मृत्युदंड की पुष्टि की प्रक्रिया कानून के अनुसार छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर के समक्ष होगी। अदालत ने पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की आहत प्रतिकर योजना के तहत 7 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिए जाने का भी निर्देश दिया है।
प्रकरण की त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक विवेचना में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद्मश्री तंवर, थाना प्रभारी निरीक्षक शिव चंद्रा, विवेचक सहित मोहन नगर थाना पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक रूपवर्षा दिल्लीवार ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बच्चों की गुमशुदगी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने कहा कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में त्वरित, निष्पक्ष, संवेदनशील और वैज्ञानिक तरीके से कार्रवाई जारी रहेगी।

