Health Tips: आज के समय में मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने, पर्याप्त नींद नहीं लेने और असंतुलित दिनचर्या के कारण कई लोगों को आंखों में थकान, सूखापन, जलन और धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में आंखों की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
आंखों की रोशनी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्क्रीन से बीच-बीच में ब्रेक लेना मददगार हो सकता है। हालांकि, केवल किसी एक खाद्य पदार्थ या घरेलू नुस्खे से चश्मे का नंबर खत्म होने की गारंटी नहीं होती। आंखों की समस्या होने पर विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
एक्सरसाइज और सक्रिय दिनचर्या
नियमित शारीरिक गतिविधि पूरे शरीर के साथ आंखों की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। व्यायाम वजन और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। डायबिटीज जैसी स्थितियों का आंखों की सेहत पर असर पड़ सकता है। इसलिए रोजाना अपनी क्षमता के अनुसार पैदल चलना या अन्य व्यायाम करना अच्छी आदत है।
संतरा और गाजर
गाजर में बीटा-कैरोटीन और संतरे में विटामिन C जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व आंखों सहित शरीर के सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं। इन्हें जूस के बजाय साबुत फल और सब्जी के रूप में लेना अधिक फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इससे फाइबर भी मिलता है।
मेथी
मेथी में कई पोषक तत्व और फाइबर पाए जाते हैं। इसे भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, मेथी का पानी पीने से सीधे आंखों की रोशनी बढ़ने का मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
पालक
पालक में विटामिन और कई एंटीऑक्सीडेंट पोषक तत्व पाए जाते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों को संतुलित डाइट में शामिल करना आंखों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है। पालक की सब्जी, सूप या अन्य व्यंजनों के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है।
बादाम और शकरकंद
बादाम में विटामिन E समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जबकि शकरकंद बीटा-कैरोटीन का अच्छा स्रोत है। दोनों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। इन्हें खाने से आंखों की सामान्य सेहत को पोषण मिल सकता है, लेकिन इससे चश्मे का नंबर खत्म होने की गारंटी नहीं है।
सरसों का तेल और आंखों में कुछ भी डालने से बचें
पैरों के तलवों पर सरसों के तेल की मालिश को आंखों की रोशनी बढ़ाने से जोड़ने का पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसी तरह गुलाब जल, घरेलू पानी या किसी अन्य पदार्थ की बूंदें बिना डॉक्टर की सलाह के आंखों में डालना उचित नहीं है, क्योंकि इससे जलन, संक्रमण या दूसरी समस्या हो सकती है।
त्रिफला के इस्तेमाल में सावधानी
त्रिफला को आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करने की सलाह कई घरेलू नुस्खों में दी जाती है, लेकिन आंखों में त्रिफला का पानी डालने की सुरक्षा और प्रभावशीलता के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। आंखें बेहद संवेदनशील अंग हैं, इसलिए किसी भी घरेलू मिश्रण को आंखों में डालने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
स्क्रीन टाइम के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
अगर आपका काम लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर रहता है, तो बीच-बीच में स्क्रीन से नजर हटाकर आंखों को आराम दें। पर्याप्त नींद लें, स्क्रीन की चमक और दूरी को आरामदायक रखें और आंखों में लगातार सूखापन या जलन होने पर नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराएं।
जरूरी बात
अगर नजर धुंधली हो रही है, लगातार सिरदर्द रहता है, आंखों में दर्द या जलन है या चश्मे का नंबर बढ़ रहा है, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय नेत्र रोग विशेषज्ञ से आंखों की जांच कराना जरूरी है। संतुलित आहार आंखों की सेहत में मदद कर सकता है, लेकिन हर तरह की नजर की समस्या को भोजन से ठीक नहीं किया जा सकता।

